गुरुग्राम में फिलहाल 1600 मकानों को तोड़फोड़ और सीलिंग से राहत, अब आगे क्या?
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुग्राम के डीएलएफ क्षेत्र में करीब 1600 मकानों को सीलिंग और तोड़फोड़ से फिलहाल राहत देते हुए स्टे बरकरार रखा है। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

गुरुग्राम में डीएलएफ फेज-एक से लेकर फेज-पांच तक के करीब 1600 मकानों को फिलहाल सीलिंग और तोड़फोड़ से राहत मिली है। मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा अदालत में डीएलएफ मामले में सुनवाई थी। उम्मीद थी कि सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट का स्टे हट जाएगा, लेकिन अभी स्टे बरकरार है।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सामने रखी रिपोर्ट
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई कार्यालय ने एक सर्वे रिपोर्ट पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के समक्ष रखी थी। इसके मुताबिक, करीब 5100 मकानों में नक्शे और कब्जा प्रमाणपत्र का उल्लंघन हुआ है।
हाई कोर्ट ने दी थी मोहलत
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इन सभी मकान मालिकों को पक्ष रखने के लिए समय दिया था। करीब 1600 मकान के मालिकों ने उच्च न्यायालय में आपत्ति दायर करते हुए याचिका दायर की थी। इन मकान मालिकों को छोड़कर करीब 3600 मकानों पर कार्रवाई करने के आदेश उच्च न्यायालय ने पारित किए थे।
अदालत ने दिए ये आदेश
मंगलवार को इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई थी। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अगली सुनवाई से पहले मकानों के नक्शे और कब्जा प्रमाणपत्र जमा करवाने के आदेश जारी किए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 28 जुलाई निर्धारित है।
अब आगे क्या?
इस हफ्ते में डीटीपीई कार्यालय की तरफ से डीएलएफ में फिर सीलिंग अभियान चलाया जाएगा। डीएलएफ फेज-तीन के एस ब्लॉक के साथ-साथ डीएलएफ फेज-चार में भी यह अभियान चलाया जाएगा। डीटीपीई ने लोगों से अपील की है कि वे घरों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करें। मकानों को मंजूर नक्शे और कब्जा प्रमाणपत्र के मुताबिक किया जाए।
जेसीबी चलाकर गिराया अवैध निर्माण
वहीं वन विभाग ने अपनी 3 एकड़ जमीन धार्मिक संगठन और निजी स्कूल से मुक्त कराई। धार्मिक स्थल की चार दीवारी को संस्था ने अपने आप पक्की दीवार को गिरा दिया। निजी स्कूल के दर्जनभर कमरों का पर जेसीबी चलाकर गिराया। मंगलवार को शहर के वार्ड 12 में वन विभाग की जमीन को आपसी सहयोग से अवैध कब्जों को हटाया गया।
धार्मिक स्थल को हटाया
इससे वन विभाग की करीब 3 एकड़ जमीन पर बीतें करीब 15 दिन में अवैध निर्माण से मुक्त हुई। करीब 15 दिन पहले स्थानीय लोगों ने वन विभाग की जमीन पर बनी धार्मिक स्थल को हटाया था। मंगलवार को धार्मिक स्थल चर्च से जुड़ी संस्था ने सुबह 8 बजे ही वन विभाग की जमीन पर आ रही चार दीवारी का सफाया जेसीबी चलाकर किया।
पुलिस फोर्स रही मौजूद
उसके बाद चर्च से लगती वन विभाग की जमीन पर निजी स्कूल के बने दर्जनभर कमरों की दीवारों को पीला पंजा चलाकर गिराया। इस अवसर पर ड्यूटी मजिस्टेट आरएस बाठ और वन विभाग के रेंज अधिकारी खजान सिंह तथा पुलिस बल मौजूद था।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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