
आवारा कुत्तों के लिए गुरुग्राम नगर निगम ने तय किए नियम, सड़क पर कराया भोजन तो...
आवारा कुत्तों को लेकर गुरुग्राम नगर निगम ने नए निर्देश जारी किए हैं। इनमें आवारा कुत्तों के भोजन और प्रबंधन के बारे में आदेश जारी किया गया है। गुरुग्राम नगर निगम का यह कदम अगस्त में सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों पर आए आदेश के बाद आया है।
गुरुग्राम नगर निगम ने आवारा कुत्तों पर नए निर्देश जारी किए हैं। इनमें आवारा कुत्तों के भोजन और प्रबंधन को रेगुलेट किया गया है। गुरुग्राम नगर निगम का यह कदम अगस्त में सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों पर आए आदेश के बाद आया है। गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) के संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) प्रीतपाल सिंह की ओर से जारी आदेश में आवारा कुत्तों के भोजन और उनके वास से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
खाना खिलाने के लिए जगह तय करने के निर्देश
जारी निर्देशों में आरडब्ल्यूए, अपार्टमेंट ऑनर एसोशिएशन या संबंधित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों से कहा गया है कि वे अपने इलाके में आवारा कुत्तों के लिए भोजन स्थल निर्धारित करने को कहा गया है। इन संगठनों को आपसी सहमति से भोजन स्थल निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है। आवारा कुत्तों के लिए भोजन स्थल बच्चों के खेल के मैदानों और वरिष्ठ नागरिकों की आवाजाही वाली जगहों से दूर होने चाहिए।
इन बातों का भी रखना होगा ध्यान
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि आवारा कुत्तों के भोजन का समय भी बच्चों और बुजुर्गों की दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जाना चाहिए। भोजन कराने वालों को कुत्तों को भोजना करानी वाली जगहों पर गंदगी नहीं फैलाने की इजाजत होगी। ऐसे लोगों को संघ के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। ये लोग टीकाकरण में भी स्वेच्छा से योगदान दे सकते हैं।
सड़क पर भोजन कराया तो...
आवारा कुत्तों को सीधे सड़कों पर भोजन कराना मना है। ऐसे में सड़कों पर खुलेआम कुत्तों को भोजन कराने वालों पर संबंधित प्रावधानों के तहत केस चलाया जाएगा। आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी शख्स इन आदेशों के पालन में बाधा नहीं बनेगा। ऐसा करने पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों में केस चलाया जा सकता है। नियमों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतें देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1817 पर फोन किया जा सकता है।
कुत्तों को उठाने और गोद लेने पर भी नियम
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसियों की ओर से नसबंदी, टीकाकरण और कृमिनाशक के लिए उठाए गए आवारा कुत्तों को उनके मूल स्थानों पर लाकर छोड़ना होगा। हालांकि रेबीज से पीड़ित कुत्तों को शेल्टर होम में ही रखने का प्रावधान किया गया है। आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) में आवेदन करना होगा। शर्त यह होगी कि गोद लेने के बाद आवारा कुत्ता सड़क पर नहीं दिखना चाहिए।





