
नए साल पर गुरुग्राम का 'सुपर ऐप' होगा लॉन्च, अब घर बैठे दूर होंगी नागरिक शिकायतें
नगर निगम गुरुग्राम 2026 में एआई और ड्रोन डेटा से लैस एक सुपर ऐप लॉन्च करेगा, जिससे नागरिक सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी शिकायतों को ट्रैक कर सकेंगे और पारदर्शिता के साथ उनका त्वरित समाधान होगा।
नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही गुरुग्राम के नागरिकों को अपनी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) शहरवासियों के लिए एक सुपर ऐप लॉन्च करने जा रहा है, जो डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। नगर निगम गुरुग्राम ने इसको लेकर ट्रायल शुरू कर दिया है।
मोबाइल ऐप होगा लॉन्च
फिलहाल अधिकारियों के मोबाइलों में ही इसका ट्रायल करवाया जा रहा है। निगम अधिकारियों का दावा है कि नए साल में इस निगम के पहले मोबाइल ऐप को आमजन के लिए लॉंच कर दिया जाएगा। नगर निगम के इस पहले मोबाइल ऐप के माध्यम से एक ही जगह पर सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक भवनों से जुड़ी सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी। निगम का यह ऐप केवल एक शिकायत पोर्टल नहीं, बल्कि तकनीक का आधुनिक केंद्र है। पहली बार निगम ने पूरे शहर का ड्रोन सर्वेक्षण करवाया है।
इस सर्वेक्षण से प्राप्त सटीक डेटा को ऐप के साथ लिंक किया गया है। अक्सर लोग निगम में मुख्य सड़कों की शिकायत करते हैं, जो असल में जीएमडीए (जीएमडीए) के अधीन होती हैं। इस ऐप में जियो-मैपिंग के जरिए जैसे ही कोई व्यक्ति शिकायत अपलोड करेगा, ऐप अपने आप बता देगा कि संबंधित संपत्ति या सड़क किस विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। ऐप में एआई चैटबॉट का इस्तेमाल किया गया है, जो लोगों को न केवल शिकायत दर्ज करने में मदद करेगा, बल्कि उन्हें सरकार की नई-नई जनहित योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा।
पारदर्शिता और त्वरित समाधान का नया युग
निगम आयुक्त के अनुसार, इस पहल का मकसद पारंपरिक कार्यप्रणाली को बदलकर शासन में पारदर्शिता लाना है। अभी तक गुरुग्राम में ऐसा कोई एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म नहीं था, जिसके कारण जनता में असंतोष रहता था। नए साल में यह सुपर ऐप न केवल आम जनता की शिकायतों को सुनेगा, बल्कि निगम अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन का भी आकलन करेगा। निगम के इस आधुनिक कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि साइबर सिटी के नागरिकों को अब अपनी मूलभूत समस्याओं के लिए बार-बार अलग-अलग अधिकारियों को गुहार नहीं लगानी पड़ेगी। यह ऐप न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में भी मददगार साबित होगा।
पूरा डेटा उपलब्ध होगा इस ऐप में
नगर निगम गुरुग्राम की तरफ से यह पहला मोबाइल ऐप तैयार करवाया गया है। इस ऐप में डेटा उपलब्ध करवाने के लिए नगर निगम ने पूरे शहर की सड़कों, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइटें, पार्क, सामुदायिक भवनों आदि का सर्वे करवाया है। यह पूरी सर्वे रिपोर्ट इस ऐप में उपलब्ध रहेगी। ऐप में अलग-अलग ऑप्शन के बॉक्स दिए होंगे। इसमें लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार उस ऑप्शन चुन सकते हैं। इसमें दर्ज शिकायतों का समाधान होने के बाद ही शिकायतें समाप्त होंगी।
किस विभाग की सड़क इसकी जानकारी भी मिलेगी
शहर में नगर निगम के अलावा जीएमडीए, एचएसवीपी और पीडब्ल्यूडी की भी सड़कें और सीवर लाइन व पानी की लाइन हैं। मुख्य सड़कों की शिकायतें भी लोग नगर निगम में करते हैं, जबकि शहर की सभी मुख्य सड़कें जीएमडीए के अधीन आती है। निगम के नए ड्रोन सर्वे और मोबाइल ऐप से लोगों को शिकायत करते समय ही जानकारी मिल जाएगी कि यह सड़क किस विभाग के अधीन आती है।
फोटो के बिना बंद नहीं होगी शिकायत
अब तक व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर की जाने वाली शिकायतों का सबसे बड़ा दोष यह था कि अधिकारी बिना समाधान किए ही उन्हें बंद कर देते थे। सुपर ऐप में यह संभव नहीं होगा। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति को रीयल-टाइम ट्रैक कर सकेगा। शिकायत का समाधान होने के बाद संबंधित अधिकारी को कार्य स्थल की पहले और बाद की फोटो अपलोड करनी होगी। यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो एआई सिस्टम अपने आप ही शिकायत को उच्च अधिकारियों को फॉरवर्ड कर देगा।
ये सुविधाएं मिलेंगी
- बिल भुगतान: यूजर ऐप के माध्यम से सीधे अपना संपत्तिकर और पानी के बिल जमा कर सकेंगे।
- सामुदायिक भवन की बुकिंग: शहर के आधुनिक सामुदायिक भवनों की उपलब्धता जांचने और बुकिंग की सुविधा भी इसमें मिलेगी।
- संपत्ति का डेटा: ड्रोन सर्वे के माध्यम से लोग अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड और उस पर बकाया टैक्स की जानकारी एक क्लिक पर देख सकेंगे।





