
गुरुग्राम में कई रास्तों पर सफर खतरनाक! सर्वे में 22 असुरक्षित चौराहों की पहचान
संक्षेप: दिल्ली से सटे गुरुग्राम के 22 चौक-चौराहों को असुरक्षित पाया गया है। ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी) के विशेषज्ञों द्वारा किए गए सर्वे में इंजीनियरिंग से जुड़ी कई खामियां उजागर हुई हैं।
दिल्ली से सटे गुरुग्राम के 22 चौक-चौराहों को असुरक्षित पाया गया है। ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी) के विशेषज्ञों द्वारा किए गए सर्वे में इंजीनियरिंग से जुड़ी कई खामियां उजागर हुई हैं। इनमें रेड लाइट पोलों की गलत स्थिति, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्गों की कमी, साइनेज बोर्डों का अभाव, ब्लैक कट के कारण दुर्घटनाओं का खतरा जैसी समस्याएं प्रमुख हैं।
हुंडई मोटर इंडिया फाउंडेशन की सीएसआर पहल के तहत आईआरटीई ने इन 22 चौराहों का वैज्ञानिक ऑडिट पूरा कर लिया है। प्रारंभिक चरण में राजीव चौक और शंकर चौक पर सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। आईआरटीई के अध्यक्ष डॉ. रोहित बलूजा ने बताया कि इस पहल का ने उद्देश्य गुरुग्राम के लिए टिकाऊ और डेटा-आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। इसके तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, भीड़भाड़ और सड़क उपयोगकर्ताओं के व्यवहार का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा।
आईसीसीसी गुरुग्राम के सहयोग से 218 जंक्शनों पर लगे कैमरों के माध्यम से ट्रैफिक की निगरानी और विश्लेषण किया जाएगा। जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा ने इस पहल को पूर्ण समर्थन देते हुए आईआरटीई और ट्रैफिक पुलिस से द्वारका एक्सप्रेसवे और दादी सती चौक जैसे क्षेत्रों में यातायात कम करने के समाधान खोजने का आग्रह किया है।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी
पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने बताया कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर अब और सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर उल्लंघन स्थल पर एक सप्ताह तक 10-15 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर चालान काटे जाएंगे। नशे में वाहन चलाने के मामल भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है, पिछले वर्ष के 4,000 चालानों के मुकाबले इस वर्ष 30,000 चालान जारी किए गए।





