फ्लैट के 1.1 करोड़ लिए, बैंक का 35.7 लाख दबा गए! फर्जी NOC दिखाकर दिल्ली के कपल ने की ठगी
गुरुग्राम में 1.10 करोड़ रुपये का फ्लैट बेचने के बाद बैंक लोन की जानकारी छिपाकर खरीदार से ठगी करने के आरोप में दिल्ली के एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है।

गुरुग्राम में 1.10 करोड़ रुपये का फ्लैट बेचने के बाद बैंक लोन की जानकारी छिपाकर खरीदार से ठगी करने के आरोप में दिल्ली के एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पति-पत्नी ने फ्लैट पर बकाया बैंक लोन चुकाए जाने का भरोसा दिलाने के लिए कथित तौर पर फर्जी बैंक स्टेटमेंट, लोन फोरक्लोजर से जुड़े स्क्रीनशॉट और बैंक NOC से संबंधित दस्तावेज दिखाए थे। पुलिस ने दोनों को मंगलवार को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भानु प्रिया नारंग (33) और उनके पति ध्रुव शर्मा (35) के रूप में हुई है। दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में एक व्यक्ति ने 4 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी दंपति ने गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-2 स्थित एक फ्लैट को 1.10 करोड़ रुपये में बेचने का सौदा किया था।
लोन बकाया होने की बात पहले ही बताई
पुलिस के मुताबिक, सौदे के दौरान आरोपियों ने खरीदार को बताया था कि फ्लैट पर बैंक का लोन बकाया है। उन्होंने कथित तौर पर भरोसा दिलाया कि पूरी रकम मिलने के बाद लोन चुका दिया जाएगा और बैंक से NOC के साथ फ्लैट के मूल दस्तावेज सौंप दिए जाएंगे।
शिकायतकर्ता ने अलग-अलग तारीखों पर आरोपियों को पूरी 1.10 करोड़ रुपये की रकम दे दी। पुलिस का कहना है कि खरीदार को यह विश्वास दिलाने के लिए कि लोन चुका दिया गया है, आरोपियों ने कथित तौर पर बैंक स्टेटमेंट और लोन फोरक्लोजर से जुड़े स्क्रीनशॉट दिखाए।
रजिस्ट्री के बाद खुला फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक, 23 जनवरी 2025 को फ्लैट की सेल डीड शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी के नाम पर करा दी गई। हालांकि, इसके बाद जब खरीदार ने बैंक से फ्लैट पर बकाया लोन की स्थिति की पुष्टि की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, संपत्ति पर अभी भी करीब 35.70 लाख रुपये का लोन बकाया था। पुलिस जांच में आरोपी की ओर से दिखाया गया बैंक स्टेटमेंट भी कथित तौर पर फर्जी पाया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया। मामले में सेक्टर-56 थाने में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।
फर्जी NOC और दस्तावेज दिखाकर लिया भरोसे में
पुलिस के वरिष्ठ जांच अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने बैंक लोन चुकाए बिना ही खरीदार को फर्जी तस्वीरों और दस्तावेजों के जरिए यह भरोसा दिलाया कि फ्लैट पर कोई बकाया नहीं है। आरोप है कि वास्तविक लोन की जानकारी छिपाकर दंपति ने पूरी बिक्री रकम हासिल कर ली।
पुलिस अब मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और सबूतों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।


