गुरुग्राम में इंजीनियर ने महिला दोस्त का PG में किया मर्डर, फिर ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
Gurugram Double Death Case: गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित एक पीजी में युवती का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक ने युवती की हत्या के बाद करीब 10 किलोमीटर दूर गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।

Gurugram Double Death Case: साइबर सिटी गुरुग्राम में हत्या और आत्महत्या का खौफनाक मामला सामने आया। यहां एक नामी कंपनी में काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पहले अपनी महिला दोस्त की चाकू से गोदकर हत्या की। वारदात को अंजाम देने के बाद खुद वहां से करीब 10 किलोमीटर दूर गढ़ी रेलवे स्टेशन जाकर ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। पुलिस को युवक का शव रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में कटा हुआ मिला है। सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस हत्या के पीछे के कारणों की तलाश में जुट गई है।
कमरे के दरवाजे से बहता खून देख खुली खौफनाक हकीकत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वारदात सेक्टर-56 स्थित क्लाउड नाइन पीजी में हुई। रविवार दोपहर को पीजी में रहने वाले अन्य लोगों ने वहां के एक कमरे के दरवाजे के नीचे से खून बाहर निकलते देखा। फर्श पर खून देखकर पूरे पीजी में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत इसकी सूचना सेक्टर-56 थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
कमरा अंदर से बंद था, जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा बेहद भयावह था। कमरे के भीतर एक युवती का रक्तरंजित शव पड़ा हुआ था। मृतका की पहचान इशिका के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी। पुलिस उसके परिजनों और यहां के स्थानीय पते का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
वारदात के बाद 10 किमी दूर जाकर युवक ने दी जान
पीजी में युवती की लाश मिलने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी ही थी कि कुछ ही देर बाद कंट्रोल रूम को एक और सूचना मिली। सेक्टर-56 से करीब 10 किलोमीटर दूर गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर एक युवक का शव पड़ा हुआ मिला। पुलिस टीम रेलवे ट्रैक पर पहुंची, तो शव की शिनाख्त छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई।
श्रेष्ठ भिलाई की विश्व बैंक कॉलोनी का रहने वाला था और गुरुग्राम की नामी आप्टम कंपनी में बतौर इंजीनियर काम कर रहा था। वह इसी क्लाउड नाइन पीजी में रहता था। पुलिस का अनुमान है कि इशिका की हत्या करने के बाद श्रेष्ठ बदहवास हालत में रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसका शव दो हिस्सों में बंट गया था।
हत्या-आत्महत्या की ठोस वजह सामने नहीं आई
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के शवगृह में रखवा दिया है और दोनों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। शुरुआती जांच में मामला प्रेम-प्रसंग या किसी गहरे आपसी विवाद का लग रहा है, लेकिन अभी तक हत्या और आत्महत्या की ठोस वजह सामने नहीं आ पाई है। सेक्टर-56 थाना पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।
पुलिस ने श्रेष्ठ और इशिका के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। दोनों के बीच हाल ही में हुई बातचीत, व्हाट्सऐप चैट्स और कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि विवाद की वजह का पता चल सके।
पुलिस पीजी में रहने वाले अन्य युवकों, वहां के स्टाफ और श्रेष्ठ के दफ्तर के दोस्तों के बयान दर्ज कर रही है कि क्या पिछले कुछ दिनों से श्रेष्ठ किसी तनाव में था या दोनों के बीच पहले भी कोई झगड़ा हुआ था। परिजनों के गुरुग्राम पहुंचने के बाद सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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