
डीलर ने मांगे अपने पैसे तो रेप केस की धमकी, गुरुग्राम में सस्पेंड डॉक्टर अरेस्ट
गुरुग्राम पुलिस ने एक सस्पेंड सरकारी डॉक्टर को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। डॉक्टर ने प्रॉपर्टी डीलर से लाखों रुपये उधार लिए और वापस मांगने पर उसे अपनी पत्नी के साथ मिलकर दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
गुरुग्राम पुलिस ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अधिकारी बताने वाले एक सस्पेंड सरकारी डॉक्टर को उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि डॉक्टर ने एक प्रॉपर्टी डीलर से लाखों रुपये उधार लिए और वापस मांगने पर उसे अपनी पत्नी के साथ मिलकर दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। आरोपी ने डीलर के खिलाफ फर्जी शिकायत भी दर्ज कराई और मामला रफा-दफा करने के लिए 16 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को पंचकूला से पकड़ा है। उसकी पत्नी की तलाश जारी है।
पांच से छह लाख रुपये मांगे उधार
वजीराबाद गांव के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर राहुल यादव की शिकायत के मुताबिक, गढ़ी हरसारू का निवासी टीनू साल 2023 में अपने पिता के इलाज के समय राहुल के दफ्तर में रुका था। इसी दौरान टीनू का साथी डॉक्टर कृष्ण कुमार उर्फ केके भी राहुल के दफ्तर में अक्सर आने-जाने लगा। एक दिन केके ने राहुल से 10 हजार रुपये मांगे और दावा किया कि उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया है। राहुल ने उसे पैसे उधार दे दिए। बाद में केके ने कार सर्विस और अन्य बहाने से उससे लगभग पांच से छह लाख रुपये और ले लिए।
आरोपी ने किया इनकार
राहुल ने अपनी शिकायत में बताया कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने इनकार कर दिया और खुद को स्वास्थ्य विभाग का डिप्टी डायरेक्टर बताकर धौंस दिखाई। आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि वह कई महिलाओं को जानता है। वह उसे दुष्कर्म के झूठे केस में फंसा देगा। इसके बाद 12 अगस्त 2023 को एक महिला उनके दफ्तर पहुंची और पैसे नहीं देने पर कार्रवाई की धमकी दी। बाद में ईमेल के जरिए सेक्टर 51 के महिला थाने में राहुल और उनके दोस्त के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत कर दी।
ब्लैकमेल कर 16 लाख रुपये मांगने लगा
राहुल ने बताया कि जब पुलिस ने उस महिला को बुलाया तो वह पेश नहीं हुई। मामला तब और गंभीर हो गया जब 24 अक्टूबर 2025 को उस महिला ने केके के साथ मिलकर राहुल और उसके दोस्त के खिलाफ दुष्कर्म की लिखित शिकायत दे दी। राहुल के अनुसार, उसके दोस्त टीनू ने बताया कि केके पहले शिकायत वापस लेने के लिए 7 लाख रुपये मांग रहा था जिसे बाद में बढ़ाकर 16 लाख रुपये कर दिया। उसने बैंक के जरिए पैसे लेने से साफ मना कर दिया। फिर राहुल ने परेशान होकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची
राहुल की शिकायत पर सेक्टर 50 थाना पुलिस ने आरोपी कृष्ण कुमार को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान नूंह जिले के निवासी 42 वर्षीय डॉ. कृष्ण कुमार जैलदार के रूप में हुई है। आरोपी एक एमबीबीएस डॉक्टर है जो पहले सरकारी अस्पताल में तैनात था लेकिन फिलहाल निलंबित चल रहा है। पूछताछ में पता चला कि पैसे लौटाने से बचने के लिए उसने पत्नी के साथ मिलकर राहुल को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची थी। पुलिस उसकी पत्नी को तलाश रही है।

लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।




