गुरुग्राम में साड़ी का झूला बन गया फंदा; 13 साल की मासूम की गर्दन कसने से मौत
गुरुग्राम की देवीलाल कॉलोनी में 13 साल की बच्ची की साड़ी से बने झूले में गर्दन फंसने से दम घुटने के कारण मौत हो गई। वह अपनी बहनों के साथ घर में खेल रही थी तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ।

गुरुग्राम की देवीलाल कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां 13 वर्षीय छात्रा की अपनी मां की साड़ी से बने झूले में गर्दन फंसने के कारण मौत हो गई। रविवार शाम को बच्ची अपनी दो छोटी बहनों के साथ खेल रही थी और उसने बरामदे की ग्रिल पर साड़ी बांधकर झूला बनाया था। झूलते समय अचानक साड़ी का फंदा उसके गले में कस गया, जिससे उसका दम घुट गया। बहनों के शोर मचाने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिहार के सीतामढ़ी का यह परिवार इस हादसे से गहरे सदमे में है।
बेहोशी की हालत में पहुंची अस्पताल, डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-नौ के समीप लगती देवीलाल कॉलोनी के एक घर में मां की साड़ी से झूला बनाकर झूल रही 13 वर्षीय छात्रा रानी कुमारी की गर्दन उसमें फंस गई। उसे देखकर छोटी बहनों के शोर मचाया तो परिजनों ने बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल में दाखिल करवाया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। मामले की जांच चल रही है।
बरामदे में ग्रिल पर साड़ी बांध बनाया था झूला
मूलरूप से बिहार के सीतामढ़ी निवासी सुरेश सिंह देवीलाल कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। वे सिलाई का काम करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। 13 साल की रानी कुमारी छठी कक्षा में पढ़ती है। रविवार शाम को अपनी दो छोटी बहनों के साथ घर में खेल रही थी। घर के बरामदे में ग्रिल पर साड़ी बांधकर झूला बनाया था।
साड़ी में फंसी गर्दन
बताया जाता है कि रानी झूले में बैठकर घूम रही थी। इस दौरान बच्ची गर्दन साड़ी में फंस गई। छोटी बहनों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर की आवाज सुनकर बच्ची की मां मौके पर पहुंचीं। बच्ची बेसुध हालत में थी। साड़ी से छुड़ाकर उसे गंभीर अवस्था में परिजनों ने अस्पताल में दाखिल करवाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बहनों के साथ खेल रही थी बच्ची
डॉक्टरों ने बताया कि साड़ी में गर्दन फंसने से बच्ची का दम घुट गया और उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इस हादसे से घर में मातम छाया है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार कह रही हैं कि उन्हें अब भी बच्ची के हंसने की आवाज सुनाई दे रही है। वह अपनी बहनों के साथ झूले पर खेलते हुए हंस रही थी। पड़ोसियों के अनुसार, वह अक्सर घर में साड़ी का झूला बनाकर खेला करती थी।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


