पानी चोरी रोकने को नए सिरे से बनेगी गुरुग्राम नहर, इन इलाकों में सुधरेगी पेयजल सप्लाई
गुरुग्रामवासियों के लिए गुड न्यूज है। सोनीपत के ककरोई से बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक आ रही गुरुग्राम नहर का निर्माण नए सिरे से करने की तैयारी सिंचाई विभाग की तरफ से की जा रही है। इसके निर्माण पर करीब 1989 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

गुरुग्रामवासियों के लिए गुड न्यूज है। सोनीपत के ककरोई से बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक आ रही गुरुग्राम नहर का निर्माण नए सिरे से करने की तैयारी सिंचाई विभाग की तरफ से की जा रही है। इसके निर्माण पर करीब 1989 करोड़ रुपये की लागत आएगी। गुरुग्राम नहर के नए सिरे से बनने के बाद गुरुग्राम के सेक्टरों और कॉलोनियों से लेकर कई इलाकों तक पेयजल सप्लाई में काफी सुधार होगा। अगले महीने नहर के निर्माण का टेंडर भी जारी कर दिया जाएगा।
ककरोई से बसई तक नहर में पाइप डाले जाएंगे
करीब 70 किलोमीटर लंबी गुरुग्राम नहर की मौजूदा समय में हालत बदतर अवस्था में है। इस नहर में अभी 100 से 110 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग की नई योजना के मुताबिक, ककरोई से बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक इस नहर में पाइप डाले जाएंगे, जिससे इसकी क्षमता बढ़कर 653 क्यूसेक हो जाएगी। बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को इस नहर से 231 क्यूसेक पानी दिया जाएगा। इस नहर से गुरुग्राम के फर्रुखनगर, पटौदी, हेलीमंडी, सोहना के साथ ही झज्जर में भी पानी की सप्लाई की जाएगी।
सिंचाई विभाग ने नहर के निर्माण को जीएमडीए मांगे 700 करोड़ रुपये
सिंचाई विभाग से इस नहर के निर्माण को लेकर गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) से 702 करोड़ रुपये देने का आग्रह किया है। योजना के मुताबिक, साल 2028 के अंत तक इस नहर का नए सिरे से निर्माण कर दिया जाएगा। पाइप डलने के बाद नहर से पानी चोरी होने पर रोक लग सकेगी। मौजूदा समय में झज्जर इलाके में इस नहर में पाइप डालकर आसपास लगती जमीनों के मालिक पानी की चोरी करते हैं।
एनसीआर नहर से आपूर्ति होगी
गुरुग्राम नहर के नए सिरे से निर्माण होने के दौरान एनसीआर नहर से पानी की सप्लाई होगी। गुरुग्राम में मौजूदा समय में 245 क्यूसेक पानी आ रहा है। इसमें से 110 क्यूसेक पानी गुरुग्राम नहर से आ रहा है, जबकि 135 क्यूसेक पानी एनसीआर नहर से आ रहा है। एनसीआर नहर की हालत भी खराब है। गुरुग्राम में भूजलस्तर काफी गिर गया है। ऐसे में गुरुग्राम की करीब 30 लाख की आबादी पानी के लिए पूर्णतया नहरी पानी पर आश्रित है। मौजूदा समय में सेक्टर-58 से लेकर सेक्टर-80 तक गर्मियों में पानी की दिक्कत हो जाती है।
अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए, ''सिंचाई विभाग की तरफ से गुरुग्राम नहर का नए सिरे से निर्माण किया जाएगा। इसके बनने के बाद गुरुग्राम में पेयजल आपूर्ति में सुधार आएगा।''



