गुरुग्राम में फिर गरजेंगे बुलडोजर, अब शहरी गांवों में गिराए जाएंगे अवैध निर्माण; डिटेल
गुरुग्राम में जिला एनफोर्समेंट अथॉरिटी शहरी गांवों में नालों पर हुए अवैध निर्माण को हटाएगी। नालों की मैपिंग, निशानदेही और ड्रोन सर्वे भी कराएगा। क्या है प्रशासन की तैयारी? जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

गुरुग्राम में अतिक्रमण के खिलाफ एक और बड़ा बुलडोजर ऐक्शन होने जा रहा है। जिला एनफोर्समेंट अथॉरिटी ने सोमवार को कहा कि वह शहरी गांवों में सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण को हटाएगी। प्रशासन का खास ध्यान उन निर्माण पर होगा जो बारिश के पानी की निकासी में बाधा बन रहे हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं अवैध निर्माण के कारण आस-पास की रिहायशी कॉलोनियों में जलभराव की समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
नालों पर अवैध निर्माण से जलभराव
अधिकारियों ने बताया कि नालों और निगम की जमीनों पर अवैध निर्माण की वजह से बारिश के पानी का बहाव रुक गया है। इससे पानी ड्रेनेज नेटवर्क में जाने के बजाय कॉलोनियों में भर जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने नालों की सही सीमाओं की मैपिंग और निशानदेही करने का फैसला किया है। नालों की सीमाओं की मैपिंग और निशानदेही बुलडोजर ऐक्शन से पहले की जाएगी।
नाथूपुर गांव के लोगों को दी गई जानकारी
गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर और नोडल ऑफिसर (एनफोर्समेंट) आरएस भाथ ने कहा कि हमारी टीम ने पिछले हफ्ते नाथूपुर गांव का दौरा किया और निवासियों को बताया कि नाले की जमीन और सरकारी संपत्ति पर बने अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नाले बंद हो गए हैं और कई जगहों पर ड्रेन की जगह इमारतें बन गई हैं।
ड्रोन सर्वे भी कराया जाएगा
अधिकारी ने कहा कि हम विस्तृत जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर अवैध कब्जे की पहचान के लिए ड्रोन सर्वे भी कराएंगे। अतिक्रमण हटाने का काम कई शहरी गांवों में किया जाएगा। इनमें नाथूपुर, सिकंदरपुर, मेधावास, उल्लावास और सदर्न पेरिफेरल रोड के किनारे बसे अन्य गांव शामिल हैं।
कई नाले बंद
जिला नगर योजनाकार और नोडल ऑफिसर (एनफोर्समेंट) आरएस भाथ ने आगे कहा कि गोल्फ कोर्स रोड और अन्य इलाकों में प्राकृतिक नाले कभी बारिश के पानी की निकासी में अहम भूमिका निभाते थे। इनमें से कई को बंद कर दिया गया है या निर्माण के मलबे और अवैध कचरे से भर दिया गया है। हम इनकी सफाई सुनिश्चित करेंगे।
वैध कागजात दिखाने को भी कहेंगे
अधिकारियों ने कहा कि नाथूपुर में प्रॉपर्टी मालिकों से मालिकाना हक के वैध कागजात दिखाने को कहा जाएगा। अगर ग्रामीण इस मामले पर चर्चा करना चाहते हैं तो हम पंचायत करने के लिए तैयार हैं। वहीं एनफोर्समेंट विभाग ने बताया कि उसने पहले ही कई सेक्टरों में 250 एकड़ सरकारी जमीन से अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। सोहना में पर्यटन के लिए आरक्षित जमीन के बड़े हिस्से को भी हाल ही में अवैध कब्जों से वापस हासिल किया गया है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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