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युवक को अवैध तरीके से म्यांमार भेजा

युवक को अवैध तरीके से म्यांमार भेजा

संक्षेप: गुरुग्राम में एक युवक को थाईलैंड के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार भेजा गया। वहां उससे भारत लौटने के लिए पांच लाख रुपये मांगे गए। युवक ने साइबर अपराध पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने सोनू और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। युवक 6 नवंबर को भारत वापस लौट आया।

Mon, 17 Nov 2025 11:21 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम। विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर एक युवक को थाईलैंड के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार भेज दिया। वहां उससे भारत वापस भेजने के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे गए। डिपोर्ट होकर गुरुग्राम पहुंचे युवक ने थाना साइबर अपराध, दक्षिण में आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रोहतक के गांव सांघी निवासी मंदीप ने पुलिस को बताया कि वह गांव कादरपुर में रहता था। गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता था। इस दौरान उसकी मुलाकात भिवानी के बडवा निवासी सोनू के साथ हुई। सोनू ने उसे बताया कि वह विदेश में नौकरी लगवाने का काम करता है।

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उसका भाई जितेंद्र थाईलैंड में है। यदि थाईलेंड में नौकरी करना है तो 50 हजार रुपये टिकट और दस्तावेज तैयार करने के लिए देने होंगे। आरोप है कि उसने सोनू को अपने माता-पिता से मिलवाया। इसके बाद यह राशि उसे दे दी। युवक के मुताबिक उसे जयपुर एयरपोर्ट से थाईलैंड भेजा गया। यहां जितेंद्र उससे मिला। उसके पहुंचने के बाद थाईलैंड की करेंसी 10 हजार बाट उससे ले लिए। इसके बाद उसे अवैध तरीके से म्यांमार पहुंचाया गया। यहां ग्लोबल नामक कंपनी में उसे डेटा एंट्री ऑपरेटर लगाया गया। उसे यूएस के लोगों के नाम और मोबाइल एकत्रित करने के काम पर लगाया गया। देश वापस लौटाने के लिए पांच लाख मांगे युवक का आरोप है कि जब उसने म्यांमार रहते हुए सोनू से बात की। उसे वापस भारत भिजवाने के लिए कहा तो सोनू ने उसे बोला कि पांच लाख रुपये लगेंगे। रुपये नहीं देने पर वापस नहीं आ पाएगा। उसके मरने की सूचना भी उसके परिजनों को नहीं लगेगी। शिकायत के मुताबिक इसी दौरान म्यांमार पुलिस ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे थाईलैंड पुलिस के हवाले किया गया, जहां से उसे डिपोर्ट कर भारत भेजा गया। गत छह नवंबर को वह भारत में पहुंच गया। पुलिस ने सोनू और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।