
स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों से प्रेरणा लें युवा अधिवक्ता
गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। अधिवक्ता परिषद की गुरुग्राम इकाई द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में जिला न्यायालय परिसर स्थित सर शादी लाल भवन म
गुरुग्राम। अधिवक्ता परिषद की गुरुग्राम इकाई द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में जिला न्यायालय परिसर स्थित सर शादी लाल भवन में युवा अधिवक्ता दिवस पर कार्यक्रम आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन और न्याय के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, जिला एवं सत्र न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एसएस चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने बहुत ही अल्पायु में संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म और संस्कृति की श्रेष्ठता को सिद्ध किया। उन्होंने युवा वकीलों से आह्वान किया कि वे विवेकानंद के सिद्धांतों को अपने पेशेवर जीवन में उतारें और सत्य व न्याय के प्रति अडिग रहें।
सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता मोनिका गोसाई ने स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए। उन्होंने बताया कि कैसे संकल्प और एकाग्रता के बल पर युवाओं ने भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है। कार्यक्रम के अंत में अधिवक्ता परिषद की कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए संगठन को मजबूत बनाने के लिए नए सह-दायित्वों की घोषणा की गई। इस दौरान अधिवक्ता मनीष शांडिल्य ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने आगामी संकल्प नशामुक्ति जागरूकता अभियान के बारे में जानकारी देते हुए अधिवक्ताओं से इस सामाजिक सरोकार से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम में 50 से अधिक अधिवक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें महिला अधिवक्ताओं का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति सेवा और न्याय के संकल्प के साथ हुआ।

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