
पेंशन रिवीजन करने और न करने के अधिकार पर आक्रोश
गुरुग्राम में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशनज वर्कर यूनियन ने शिक्षा शिविर आयोजित किया। सुभाष लांबा ने बताया कि पेंशन संशोधन का अधिकार मिल गया है, जिससे पेंशनरों में आक्रोश है। उन्होंने पूंजीपतियों के लाभ के लिए श्रम कानूनों में बदलाव की भी आलोचना की।
गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशनज वर्कर यूनियन की मंगलवार को महरौली रोड स्थित विश्राम गृह में शिक्षा शिविर आयोजित किया गया। इसमें गुरुग्राम सर्कल की यूनिट व सब यूनिटों के चुनें हुए पदाधिकारियों ने भाग लिया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि 25 मार्च-2025 को वित्त विधेयक में संशोधन कर वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 31 दिसंबर-2025 तक रिटायर हुए या होने वाले पेंशनर्स की पेंशन रिवीजन करने और न करने का अधिकार प्राप्त कर लिया है। जिसको लेकर पेंशनरों में भारी आक्रोश है। कॉरपोरेट घरानों और पूंजीपतियों के लाखों करोड़ के कर्जे को बट्टे खाते में डाल दिया गया है।

टैक्सों को माफ किया जा रहा है। इससे आर्थिक असमानता चरम पर है। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के आधार पर मेहनतकशों की एकता को तोड़ा जा रहा है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के महासचिव जय भगवान ने कहा कि पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड्स बनाए गए हैं। नव उदारीकरण के दौर में नौकरी का स्वरूप बदल गया है। रेगुलर की बजाय ठेके पर भर्तियां की जा रही है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की नीव कुर्बानियों पर टिकी हुई है। एकता और आंदोलन से ही नव उदारवादी आर्थिक नीतियों के खिलाफ और मांगों की प्राप्त की जा सकती है। इस मौके पर यूनियन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शब्बीर अहमद गनी, उप प्रधान सरोज, सचिव सुशील कुमार शर्मा, सर्कल सचिव सच्चितानंद, पवन गोयल, जितेन्द्र दीक्षित,विजय पाल, अजित व सतेंद्र यादव आदि ने भाग लिया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




