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गुड़गांवटीकाकरण केंद्रों पर घंटों लाइन में लगने के बाद लग रहे टीके

हिन्दुस्तान टीम,गुड़गांवPublished By: Newswrap
Wed, 05 May 2021 03:01 AM
टीकाकरण केंद्रों पर घंटों लाइन में लगने के बाद लग रहे टीके

जिले में बेड और ऑक्सीजन के बाद अब वैक्सीन को लेकर भी घमासान शुरू हो गया है। दो मई से 18 से 44 वर्ष आयु के बीच के लोगों को भी टीका लगाना शुरू कर दिया गया है। वहीं, जिन लोगों को पहली डोज लगे 40 दिन पूरे हो चुके हैं, वह भी दूसरी डोज लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंचने लगे हैं। इससे टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ गई है। मंगलवार को जिले में 20 केंद्रों पर टीकाकरण अभियान चलाया गया, लेकिन समय पर टीकाकरण शुरू न होने के चलते सेक्टर-22 सामुदायिक भवन, पटेल नगर पीएचसी और राजीव नगर पीएचसी पर लोगों ने हंगामा भी किया।

सयम पर स्टाफ के न आने से लोगों में दिखी नाराजगी:

टीका लगवाने के लिए लोग सुबह आठ बजे से ही निर्धारित टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। जिससे कि उनका नंबर पहले शुरू हो जाए। लोगों को नौ बजे की अपॉइंटमेंट दी गई थी, लेकिन लोगों का आरोप है कि तय केंद्रों पर न तो डॉक्टर न अन्य पैरामेडिकल स्टाफ समय पर पहुंचा। पटेल नगर पीएचसी पर मंगलवार सुबह 9:30 बजे तक ताला लगा रहा। वहीं सेक्टर-22 सामुदायिक केंद्र पर मौजूद लोगों के अनुसार वहां सुबह 10 बजे तक भी स्टाफ नहीं आया। ऐसे में देरी पर स्टाफ आने से लोगों में नाराजगी दिखी और उनकी स्वास्थ्य कर्मियों से इस बात को लेकर नोकझोंक भी हुई। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत सोशल मीडिया पर जिला उपायुक्त और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से भी की।

गलत केंद्र की अपॉइंटमेंट मिलने से हुई परेशानी

सेक्टर-22 सामुदायिक केंद्र पर टीका लगवाने पहुंचे 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों को गलत केंद्र की अपॉइंटमेंट मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके कारण लोग यहां-वहां भटकते रहे। डूंडाहेड़ा निवासी 28 वर्षीय सुनीत वत्स के अनुसार उन्होंने कोविन पोर्टल पर पंजीकरण करवाकर टीकाकरण के लिए चार मई की ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करवाई थी। बुकिंग के दौरान उन्हें चार मई को टीकाकरण के लिए मूलाहेड़ा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलॉट किया गया था। उन्होंने बताया कि वह सुबह पीएचसी पर पहुंचे, तो देखा कि वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। वहां पूछने पर बताया गया कि टीकाकरण सेक्टर-22 स्थित सामुदायिक केंद्र पर होगा। सुबह 8:45 बजे वह वहां पहुंचे। उस समय तक करीब 20 लोग और भी आए थे। उन्होंने बताया कि दस बजे तक केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग का कोई स्टाफ नहीं पहुंचा। तब तक वहां लोगों की भीड़ लग गई। दस बजे स्टाफ ने आने के बाद जब टीकाकरण शुरू किया, तो बताया गया कि चार मई मंगलवार को वहां केवल 45 वर्ष व इससे ऊपर आयु के लोगों को ही दूसरी डोज लगाई जानी है। उनके पास 18 से 44 वर्ष के बीच की आयु के लोगों को टीका लगाने का निर्देश नहीं हैं। इस बात से वहां लोग बिफर पड़े और जमकर हंगामा भी किया। बावजूद 18 से 44 वर्ष आयु के बीच के लोगों को टीका नहीं लग पाया।

बिना टीका लगवाए लौटे

राजीव नगर स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर भी मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे ही लोग टीका लगवाने के लिए जुटना शुरू हो गए थे। 18 से 44 वर्ष के बीच के आयु के लोगों के अलावा बड़ी संख्या में 60 साल से ऊपर के उम्र के बुजुर्ग भी मंगलवार को केंद्र पर टीके की दूसरी डोज लगवाने के लिए पहुंचे थे। सेक्टर-5 निवासी 63 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि करीब एक घंटा केंद्र के बाहर धूप में इंतजार करने के बाद भी यह कहा गया कि उन्हें दूसरी डोज लगाने के लिए वैक्सीन का स्टॉक नहीं मिला है। ऐसे में वहां मौजूद सभी बुजुर्गों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की तैयारियों पर नाराजगी जाहिर की। काफी देर इंतजार के बाद भी बुजुर्गों को बिना टीका लगवाए वापिस लौटना पड़ा।

प्रशासन को पहले उन लोगों को दूसरी डोज लगाने को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिन्हें पहली डोज लगे 40 दिन पूरे हो चुके हैं। इस श्रेणी में ज्यादातर बुजुर्ग हैं। उन्हें कोर्स पूरा न होने से संक्रमण से ज्यादा खतरा है।

-दिनेश वशिष्ठ, प्रधान, सेक्टर-3,5,6 आरडब्ल्यूए

नौ बजे का समय होने के बाद भी स्टाफ साढ़े नौ बजे तक नहीं पहुंचा। पटेल नगर पीएचसी पर साढ़े नौ बजे तक ताला लटका हुआ था। जिससे लोगों को काफी देर तक बाहर ही खड़ा रहना पड़ा।

-मोहित

टीकाकरण केंद्र पर लग रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए बेहतर व्यवस्था करने की जरूरत है। नंबर न आने तक इंतजार में बैठने या खड़े रहने की भी कोई पर्याप्त व्यवस्था केंद्रों पर नहीं की गई है।

-अनु शर्मा

सुबह नौ से 11 बजे के बीच की टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट मिली थी। नंबर 12 बजे आया। विभाग को तय समय पर लोगों को सुविधा मुहैया करानी चाहिए। जिससे की ज्यादा देर तक उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों पर संक्रमण के खतरे के बीच न रहना पड़े।

-निकिता

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