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गुड़गांववैक्सीन के अभाव में 40 केंद्रों पर टीकाकरण ठप

हिन्दुस्तान टीम,गुड़गांवPublished By: Newswrap
Thu, 13 May 2021 11:30 PM
वैक्सीन के अभाव में 40 केंद्रों पर टीकाकरण ठप

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर काफी खतरनाक साबित हो रही है। इससे बचाव के लिए सरकार और प्रशासन लोगों से संक्रमणरोधी टीका लगवाने के लिए बार-बार आगे आने की अपील कर रहा है। सरकार और प्रशासन की अपील के साथ ही जागरूकता बढ़ने से लोग टीका लगवाने के लिए पहले की अपेक्षा अब ज्यादा संख्या में आगे भी आ रहे हैं, लेकिन वैक्सीन की किल्लत के चलते सभी को टीका नहीं लग पा रहा है। वैक्सीन के अभाव के कारण जिले के करीब 40 केंद्रों पर टीकाकरण पूरी तरह ठप भी हो चुका है।

जिले में टीकाकरण अभियान को रफ्तार देने के लिए बीते अप्रैल में टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़कर करीब 80 कर दी गई थी। टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ने से जिले ने एक दिन में रिकॉर्ड लोगों को टीका भी लगाया था। यही कारण है कि प्रदेश में टीकाकरण के मामले में जिला सबसे आगे चल रहा था, लेकिन अब वैक्सीन की उपलब्धता कम होने से जिले में टीकाकरण की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 80 में से मौजूदा समय में केवल 39 केंद्रों पर ही टीकाकरण किया जा रहा है। इनमें से 37 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैँ। जबकि दो निजी स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। जबकि बाकी के करीब 40 निजी स्वास्थ्य केंद्रों ने वैक्सीन न मिल पाने की वजह से टीकाकरण अभियान को बंद कर दिया है। बीते 13 दिनों से इन निजी अस्पतालों में एक भी व्यक्ति को टीका नहीं लगाया गया है।

सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बढ़ रहा दबाव:

एक मई से सरकार ने टीकाकरण की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया था। जहां एक मई से 18 से 44 वर्ष आयु के बीच के लोगों को भी टीका लगाना शुरू कर दिया गया था, वहीं सरकार ने राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के सामने वैक्सीन खुद सीधे निर्माता कंपनी से ही खरीदने की भी शर्त रख दी थी। ऐसे में अब राज्य सरकार और निजी अस्पताल अपने स्तर पर वैक्सीन खरीद रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीन खरीदकर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाई जा रही है। वहीं जिले में अभी तक केवल दो ही निजी अस्पतालों ने सीधे निर्माता कंपनी से वैक्सीन खरीदी है। जबकि पहले से टीका लगा रहे करीब 40 निजी अस्पतालों ने वैक्सीन नहीं खरीदी है। ऐसे में वहां टीकाकरण न होने की वजह से टीका लगवाने वालों का दबाव सरकारी केंद्रों पर बढ़ गया है। यही कारण है कि जिला स्वास्थ्य विभाग भी अब वैक्सीन की किल्लत की परेशानी से लड़ रहा है और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर भी पर्याप्त संख्या में वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

कोवैक्सीन की ज्यादा कमी:

जिले में कोविशील्ड के मुकाबले कोवैक्सीन की ज्यादा कमी है। इसकी वजह से उन लोगों की चिंता और परेशानी दोनों बढ़ गई हैं, जिन्हें पहली डोज कोवैक्सीन की लगी थी और दूसरी डोज लगने का समय या तो पूरा हो गया है या आगामी दिनों में पूरा होने वाला है। कोविन पोर्टल पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में गुरुवार शाम सात बजे तक 74 हजार 136 लोगों को कोवैक्सीन की डोज और पांच लाख 45 हजार के करीब लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन की डोज लगाई गई है।

20 फीसदी डोज कार्यालयों में लगाने के हैं आदेश:

प्रदेश सरकार की ओर से 18 से 44 साल की आयु के लोगों के लिए मिलने वाली कुल वैक्सीन की डोज में से 20 फीसदी डोज इस आयु वर्ग के सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले लोगों को उनके दफ्तर में ही लगाने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को जिला स्वास्थ्य विभाग ने इसकी शुरूआत जिला अदालत में काम करने वाले लोगों को लगाकर की। हालांकि जिले के पास इतनी वैक्सीन नहीं है, कि वह एक साथ कई कार्यालयों में सरकारी आदेशानुसार 18 साल से 44 साल के बीच की आयु के लोगों को टीका लगा सके।

गाड़ी में बैठे-बैठे टीका लगाने की शुरूआत:

शुक्रवार से जिला स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण को लेकर जिले में एक और नई शुरूआत करने जा रहा है। विभाग पार्क प्लस कंपनी के साथ मिलकर एमजी रोड स्थित सिटी सेंटर मॉल में टीकाकरण की ड्राइव थ्रू सुविधा शुरू करेगा। इसके तहत लोगों को गाड़ी में बैठे-बैठे ही टीका लगाया जाएगा। पहले दिन केवल 45 वर्ष व इससे अधिक आयु के 200 लोगों को ड्राइव थ्रू में वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जाएगी। टीका लगवाने के बाद मॉल की पार्किंग में ही लोगों को आधे घंटे तक अपनी गाड़ियों में ही ऑबजर्वेशन में बैठे रहना होगा। यदि इस दौरान किसी को स्वास्थ्य संबंधित कोई दिक्कत महसूस होती है, तो वह गाड़ी की पार्किंग लाइट जलाकर वहां मौजूदा मेडिकल स्टाफ को संकेत दे सकते हैं। ड्राइव थ्रू सुविधा में टीका बिलकुल नि:शुल्क लगाया जाएगा। टीका पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर लगाया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र यादव ने कहा कि यदि यह प्रयास सफल रहता है, तो इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।

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