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5 मार्च, 2021|3:25|IST

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किसान आंदोलन के दौरान सहीद हुए किसानों के परिवारजनों को दो दो लाख दिए जाएंगे

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पलवल। किसान आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों के आश्रितों को दो दो लाख रुपये दिए जाएंगे। कांग्रेस की सरकार आने पर सरकारी नौकरी दी जाएगी। मंगलवार को यह बात कांग्रेसी नेता और राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही है। हुडडा अटोंहा धरना स्थल पर किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सीएम और डिप्टी सीएम का उनके विधानसभा क्षेत्र में ही विरोध हो रहा है। बीजेपी सरकार को किसानों की मांग माननी चाहिए।

सांसद ने कहा कि एमएसपी गारंटी बिल पास करना चाहिए और तीनों कृषि कानून रद्द करने चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी को तुरंत किसानों को वार्ता के लिए बुलावा भेजना चाहिए। राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती ने कहा कि किसान पहली वार जातिवाद और साम्प्रदायिकता से ऊपर उठकर आर्थिक शोषण के खिलाफ एकजुट हुए हैं। उन्होंने बताया कि सदियों से किसानों का शोषण व अपमान होता आ रहा है जिसके लिए सभी राजनैतिक दल जिम्मेदार हैं।

उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के कृषिमंत्री नरेन्द्र तोमर का कहना है कि भीड के दबाव में कानून रद्द नहीं किये जा सकते हैं लेकिन कृषि मंत्री को ध्यान रखना चाहिए कि भीड के बल पर कानून तो वे नही बदल सकते हो परन्तु समय आने पर भीड़ राज अवश्य बदल देंगी। उन्होंने बताया लोकतंत्र में सरकार का विश्वास नही है इसलिए तीन महीने से किसान सडकों पर बैठे हुए हैं लेकिन निर्दयी सरकार के कानों पर जूँ तक नही रेंग रही है।

मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कृषि बिल पारित होने से पहले ही काॅरपोरेटरों ने गोदाम बनाने शुरु कर दिए थे इसीलिए सरकार काले कानूनों को निरस्त नहीं कर रही है उन्होंने बताया कि तीनों काले कानून किसानों के लिए हानिकारक और पूंजीपतियों के लिए लाभप्रद हैं, सरकार ने निजी कम्पनियों को अपनी मण्डीयों को स्थापित करने के लिए एक लाख करोड का बजट रखा है

उन्होंने कहा कि हताश निराश और असफल सरकार ने किसानों के भाईचारे को खत्म करने की साजिश रची है ,सरकार ने कुछ अन्धभक्तों को किसानों के मध्य में भेजने का निर्णय लिया है जो किसानों को गुमराह करने का असफल प्रयास करेंगे दूसरी ओर किसानों व खापों का निर्णय है कि इन तथाकथित नेताओं को गांवों में प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा।

मंच संचालन रुपराम तेवतिया ने किया। अध्यक्षता शिवसिंह छाता ने की। इस अवसर पर पूर्व विधायक उदय भान, रघुबीर सिंह तेवतिया, धर्मचन्द, सोहनपाल चौहान, रघुवीरसिंह,महेन्द्रसिंह चौहान, भागीरथ, डिग्मवरसिंह, देवरतन सरपंच, ब्रह्मसिंह, चन्द्रमुनी, वीरसिंह दलाल, हरि नम्वरदार, वीरसिंह रावत, रतनसिंह सौरोत, समंदर चौहान, रुपचन्द दलाल, ठाकुरलाल आर्य,महाशय श्रीचन्द आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Two lakh will be given to the families of the farmers who were corrected during the Kisan movement