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अवैध होर्डिंग्स से पटा शहर, मुंबई जैसा हो सकता है कभी भी हादसा

गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। मिलेनियम सिटी अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल से अटा पड़ा है। शहर में प्रत्येक हाईवे और सड़कों के किनारे सैंकड़ों की...

अवैध होर्डिंग्स से पटा शहर, मुंबई जैसा हो सकता है कभी भी हादसा
हिन्दुस्तान टीम,गुड़गांवTue, 14 May 2024 11:15 PM
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गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल से अटा पड़ा है। शहर में प्रत्येक हाईवे और सड़कों के किनारे सैंकड़ों की संख्या में होर्डिंग्स और यूनिपोल लगे हुए हैं। नियमों को अनदेखा करके लगे इन होर्डिंग्स और यूनिपोल से शहर में कभी भी मुंबई जैसा हादसा हो सकता है। निगम द्वारा यूनिपोल की अनुमति देते हुए इन बुनियादी ढांचे की जांच तक नहीं की जाती है। निजी एजेंसियां नियमों का उल्लंघन कर कमजोर बुनियादी ढांचे पर कहीं पर भी लगा देते हैं। ऐसे में निगम की तरफ से बरती जा रही है इस लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
मुंबई में सोमवार को एक पेट्रोल पंप पर बड़ा होर्डिंग्स गिर गया। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मुंबई की तरह गुरुग्राम में भी यूनिपोल और होर्डिंग्स का करोड़ों का कारोबार निजी एजेंसियां कर रही है। मिलेनियम सिटी में नियमों के अनुसार यूनिपोल और होर्डिंग्स लगाने के लिए नगर निगम से अनुमति लेनी होती है। विज्ञापन पॉलिसी 2022 में उल्लेख किया गया है कि हाईवे से सटाकर कोई भी यूनिपेाल और होर्डिंग्स नहीं लग सकता है। यूनिपोल लगाने के लिए हाईवे से 50 मीटर की दूरी होना जरूरी है और एक यूनिपोल से दूसरे यूनिपोल लगाने के बीच की दूरी भी सौ मीटर होनी चाहिए। नगर निगम गुरुग्राम में दायरे में ऐसा नहीं हो रहा है। शहर में लगे 90 फीसदी यूनिपोल और होर्डिंग्स नियमों को अनदेखा करके लगे हुए हैं।

- यह है नियम

चौराहों और तिराहों के 50 मीटर के दायरे में यूनीपोल-होर्डिंग आदि विज्ञापन नहीं किए जा सकते हैं। सड़क और फुटपाथ से कम से कम 50 मीटर की दूरी के बाद ही यूनीपोल लगाए जाएंगे। विज्ञापनों पर चमकीली लाइट्स का भी उपयोग नहीं होना चाहिए। इससे वाहन चालक को भ्रम होता है। सड़क से एक मीटर दूर होने की स्थित में होर्डिंग का साइज लगभग 3.2 वर्ग फीट का हो सकता है।

- ढांचे की नहीं होती है जांच

दो तरह से खतरनाक यूनीपोल चिह्नित होते हैं। हवा के भार और यूनीपोल व लोहे के ढांचे के स्वयं के भार के हिसाब से यूनीपोल डिजाइन हुआ है या नहीं। इसकी जांच संरचना अभियंता या सिविल इंजीनियर करता है, लेकिन नगर निगम यह चेक नहीं कराता है। यूनिपोल और होर्डिंग लगाने के लिए नींव कितनी गहरी है। किस गुणवत्ता की सामग्री का इसमें प्रयोग किया गया है। यूनिपोल और होर्डिंग की ऊंचाई कितनी है इसकी भी जांच होनी होती है, लेकिन नगर निगम में बिना किसी जांच के ही सैंकड़ों यूनिपोल लगे हुए हैं।

- अनुमति देने में हो रहा गड़बड़झाला

नगर निगम की विज्ञापन शाखा में करोड़ों रुपये का गड़बड़झाला किया जा रहा है। विज्ञापन लगाने वालों से विज्ञापन फीस वसूलने की बजाय विज्ञापनों की अनुमति में और एलओआइ (लेटर आफ इंटेंट) यानी आशय पत्र की खानापूर्ति कर अवैध यूनीपोल लगाए जा रहे हैं। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला होने के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। कई यूनीपोल अधिकारियों की मिलीभगत से बिना फीस जमा करवाए ही लगे हुए हैं।

- इन जगहों पर है हादसों का डर

- सुभाष चौक पर हाईवे की सर्विस लेन के ऊपर अवैध यूनीपोल लगा हुआ है। बड़ा ट्रक या कोई वाहन यहां से गुजरने के दौरान हादसा हो सकता है।

- सोहना रोड, वाटिका चौक, बादशाहपुर, भोंडसी क्षेत्र और एसपीआर पर कई अवैध यूनीपोल लगे हुए हैं।

- दिल्ली-जयपुर हाईवे, सिग्नेचर टावर, झाड़सा चौक के नजदीक अवैध यूनीपोल लगे हुए हैं।

- सेक्टर 67, गोल्फ कोर्स और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर अवैध यूनीपोल लगे हैं। यहां हादसों का डर रहता है।

- आरओडब्ल्यूए, सरकारी जमीन, ग्रीन बेल्ट आदि में यूनीपोल नहीं लगाए जा सकते, लेकिन सोहना रोड पर ऐसे कई यूनीपोल लगे हैं।

- जिन यूनीपोल के लिए निगम से परमिशन ली गई है, उनमें छोटे साइज की परमिशन लेकर बड़े यूनीपोल लगाए हुए हैं, इससे निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है।

- हाईवे या सर्विस लेन और सड़क से यूनीपोल की दूरी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है।

: कोट

अवैध यूनिपोल और होर्डिंग की जांच के लिए टीमों को निर्देश दिए हुए हैं। अगले सप्ताह से शहर में लगे सभी अवैध यूनिपोल और होर्डिंग को हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।

- डॉ बलप्रीत सिंह, अतिरिक्त निगमायुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम।

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