Hindi NewsNcr NewsGurgaon NewsTDS Conference in Gurugram Industry Leaders Discuss Compliance and Digital Transformation
उद्यमियों को डिजिटलीकरण के बदलते माहौल की जानकारी दी

उद्यमियों को डिजिटलीकरण के बदलते माहौल की जानकारी दी

संक्षेप:

गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) की ओर से बुधवार को क्लब कैप्रिसेंट्रल पार्क में टीडीएस सम्मेलन आय

Thu, 20 Nov 2025 11:29 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
share Share
Follow Us on

गुरुग्राम। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) की ओर से बुधवार को क्लब कैप्रिसेंट्रल पार्क में टीडीएस सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें गुरुग्राम और आसपास औद्योगिक क्षेत्रों से आए 80 से अधिक उद्योगपतियों, व्यापारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने उद्योग जगत में टीडीएस अनुपालन को प्रभावित करने वाले नए संशोधनों, विभागीय अपेक्षाओं और डिजिटलीकरण से जुड़े बदलते स्वरूप की जानकारी दी। सम्मेलन में आयकर (टीडीएस) गुरुग्राम की उप आयुक्त सीमा चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीएफटीआई वित्त एवं कर अनुपालन समिति के चेयरमैन, चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक छाबड़ा ने की। इसका उद्देश्य उद्योग जगत को समय रहते सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें भविष्य की अनुपालन आवश्यकताओं के लिए तैयार करना था।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

उप आयुक्त सीमा चौधरी ने टीडीएस के नवीनतम संशोधनों, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, फॉर्म-आधारित डेटा सबमिशन, पेनल्टी संरचना, नोटिस प्रक्रिया व विभागीय समन्वय की विस्तृत व्याख्या की। अब कर विभाग की निगरानी प्रणाली पूरी तरह डेटा-संचालित है, जिससे त्रुटियों का पता पहले की तुलना में कहीं तेज़ी से लगता है। पीएफटीआई निदेशक डॉ. अंशुल धिंगरा ने कहा कि टीडीएस भारत की कर प्रणाली का ऐसा स्तंभ है, जिसकी समयबद्ध समझ और सटीक अनुपालन उद्योगों के लिए अत्यंत आवश्यक है। डिजिटल प्रक्रियाओं, डेटा-आधारित जांच प्रणाली और त्वरित विभागीय मिलान के इस दौर में उद्योग जगत को अद्यतन रहना अनिवार्य हो गया है। पीएफटीआई का लक्ष्य भविष्य की अनुपालन चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम बनाना है। चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक छाबड़ा ने उद्योगों द्वारा प्रचलित सामान्य प्रक्रियागत कमियों, टीडीएस कटौती की सही विधि, दस्तावेज़ीकरण, ऑडिट अनुपालन और नोटिस से बचाव के उपायों पर विस्तार से समझाया। सत्र अंत में प्रश्नोत्तर आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने रेंटल सेवाओं, कांट्रैक्ट भुगतान, टीडीएस कटौती दरों, फॉर्म 26क्यू, नोटिस से संबंधित प्रक्रियाओं और पेनल्टी अपील जैसे जटिल मुद्दों पर सवाल किए। पीएफटीआई उपाध्यक्ष, डॉ. एसपी अग्रवाल ने कहा कि विभाग द्वारा उद्योग जगत तक पहुंचकर जागरूकता बढ़ाने की यह पहल सराहनीय है। प्रतिभागियों ने इसे भविष्य में उद्योग जगत की नीतिगत तैयारी, पारदर्शिता और अनुपालन संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम बताया। इस मौके पर आयकर अधिकारी राकेश मीणा, आयकर विभाग के इंस्पेक्टर गगन मलिक, आरएल शर्मा, डॉ. अंशुल धिंगरा, पीके. गुप्ता, डीपी गौर, संजय जैन, संत राम शर्मा, जीपी गुप्ता, उदयवीर सिंह आदि मौजूद रहे।