वेतन बढ़ोतरी के लिए पांच कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल

Apr 07, 2026 09:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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नाराजगी -मानेसर तहसील परिसर में दो कंपनी के कर्मी चार दिन से कर रहे हड़ताल -चार अन्य कंपनियों के बाहर कर्मियों ने वेतन बढ़ाने को लेकर हड़ताल की -कंपनी

वेतन बढ़ोतरी के लिए पांच कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल

गुरुग्राम, अमर मौर्य। वेतन बढ़ोतरी को लेकर दो कंपनियों के कर्मियों की हड़ताल का असर अन्य कंपनियों पर पड़ने लगा है। मंगलवार को मानेसर में तीन और कंपनियों के कर्मचारियों ने भी वेतन बढोतरी को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। मानेसर के पांच कंपनियों के हजारों कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए है। दो कंपनी के कर्मचारी मानेसर तहसील परिसर में और तीन कंपनी के बाहर हड़ताल हो रही हैं। वहीं श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि तीन कंपनियों में कर्मचारियों के बीच समझौता हो गया है। लेकिन कर्मचारियों ने वेतन निर्धारण न होने पर हड़लात खत्म नहीं किया है।

वेतन निर्धारण न होने से हड़ताल जारी:चार दिन पहले होंडा से शुरू हुआ आंदोलन अब रिचा ग्लोबल, मॉडलमा, रूपा पॉलिमर, सत्यम, मुंजाल शोबा समेत अन्य कंपनियों में फैलता ही जा रहा है। हड़ताली कर्मचारी आकाश ने बताया कि मंगलवार को दो बार कंपनी प्रबंधन से बातचीत हुई, लेकिन वेतन नहीं बढ़ाया गया तो कंपनी से कोई समझौता नहीं हुआ। वहीं कर्मचारी नेता श्यामवीर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पिछले दस साल से न्यूनतम वेतन रिवाइज नहीं किया है। इसका परिणाम ये हुआ कि मजदूरों का अब 11 हजार में जीवन यापन संभव नहीं है। कोढ़ में खाज की गैस के दाम बढ़ गए। मजदूरों के पास पांच किलो का सिलेंडर होता है। जिसे भरवाने में 400 रुपये देने पड़ रहे हैं।उद्योगों में उत्पादन ठप होने की कगार पर:हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2026 के बजट में न्यूनतम मजदूरी को 11,257 से बढ़ाकर₹15,200 प्रति माह करने की घोषणा के बाद पूरे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। कर्मचारियों और मजदूरों के बीच यह धारणा तेजी से फैल रही है कि नई मजदूरी दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है इस भ्रम का सबसे बड़ा असर आईएमटी मानेसर में देखने को मिल रहा है। जहां लगभग 8 से 10 फैक्ट्रियों में कामकाज बाधित हो चुका है। कई स्थानों पर हड़ताल जैसी स्थिति बन गई है। उद्योगों में उत्पादन ठप होने की कगार पर है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।श्रम विभाग के अधिकारी सही जवाब दें:आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियन एसोसिएशन के संरक्षक पवन यादव ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कि श्रम विभाग के उप श्रमायुक्त साउथ और उप श्रमायुक्त नॉर्थ को तुरंत सामने आकर आधिकारिक बयान जारी करना चाहिए। विभाग को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि नई न्यूनतम मजदूरी अभी लागू नहीं हुई है और इसे किस तिथि से लागू किया जाएगा। यदि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह स्थिति और बिगड़ सकती है तथा उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।-तीन कंपनी प्रबंधन के बीच कर्मचारियों से बातचीत हो चुकी है। इसमें मुंजाल, रूपा, और रिचा कंपनी शामिल है। इनके कर्मचारियों को काम पर लौटने को कहा गया है। सत्यम कंपनी में अभी बातचीत जारी है।नवीन शर्मा, उप श्रम आयुक्त गुरुग्राम

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