
अरावली बचाने के लिए पर्यावरणविदों ने वन मंत्री आवास के बाहर निकाला मौन मार्च
- वन मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास तक पहुंचे 150 से अधिक नागरिक, रेगिस्तान के फैलाव और बढ़ते तापमान को लेकर जताई चिंता
गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाने और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को गुरुग्राम के सिविल लाइंस में नागरिकों और पर्यावरणविदों ने एक विशाल मौन मार्च निकाला। गुरुग्राम सिटीजन्स अगेंस्ट डिस्ट्रक्शन ऑफ अरावली समूह द्वारा आयोजित इस मार्च में 150 से अधिक पर्यावरणविदों, छात्रों और स्थानीय परिवारों ने हिस्सा लिया। यह मार्च सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले के खिलाफ एक एकजुट आवाज थी, जिसमें अरावली को केवल 100 मीटर से ऊपर की पहाड़ियों के रूप में परिभाषित किया गया है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यह परिभाषा अरावली के एक बड़े हिस्से, विशेष रूप से निचले वन क्षेत्रों को खनन और भू-माफियाओं के शोषण के लिए असुरक्षित छोड़ देती है।

शाम तीन बजे लोगों की भीड़ कैबिनेट व वन मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास सामने पहुंची। लोगों ने हाथों तख्तियां लेकर मानव श्रृंखला बनाकर शांति तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाया। यह है पर्यावरणविदों की मांगे हाथों में तख्तियाँ लिए नागरिकों ने बिना बोले एक शक्तिशाली संदेश दिया। वन्यजीवों और अरावली के महत्वपूर्ण वन गलियारों की रक्षा करना, स्वच्छ हवा और पानी तक पहुंच को मौलिक जीवन के अधिकार के रूप में सुनिश्चित करना, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते हीट आइलैंड प्रभाव और भीषण गर्मी से निपटने के लिए अरावली की ढाल को बचाना, पंजाब, हरियाणा और गंगा के मैदानी इलाकों में रेगिस्तान के फैलाव और धूल भरी आंधियों को रोकने के लिए वनों का संरक्षण करना आदि ही मुख्य मांगे है। मौन मार्च का सफर और ज्ञापन यह मौन मार्च जॉन हॉल मैदान से शुरू होकर प्रदेश के वन मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास तक पहुंचा। मार्च के दौरान पूरी तरह शांति बनाए रखी गई ताकि संदेश की गंभीरता को महसूस किया जा सके। अरावली बचाओ आंदोलन के ट्रस्टी कर्नल एस. ओबेरॉय ने मंत्री के स्टाफ को अपनी मांगों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक ज्ञापन सौंपा। मार्च में शामिल एक प्रतिभागी ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ नहीं हैं, बल्कि वे रेगिस्तान के खिलाफ हमारी प्राकृतिक ढाल और भूजल रिचार्ज का मुख्य स्रोत हैं। उन्हें केवल ऊंचाई के आधार पर परिभाषित करना पारिस्थितिक वास्तविकता को नजर अंदाज करना है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




