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5 मार्च, 2021|3:29|IST

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विकास शुल्क न चुकाने वाले 16 बिल्डरों पर शिकंजा

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गुरुग्राम। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के वरिष्ठ नगर योजनाकार ने एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) यानी बाहरी विकास शुल्क नहीं देने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई करने शुरू कर दी है। 16 बिल्डरों के लाइसेंस रद्द होने के बाद अब इनकी साइटों को अधिग्रहण किया जाएगा। इसके अलावा दो बिल्डर रेवाड़ी के हैं। इनकी साइटों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के लिए डीटीपी प्लानिंग को निर्देश दिए गए हैं, जिससे बिल्डर साइटों बेच नहीं सके।

खरीदारों से लिया पैसा वसूला जाएगा :

ईडीसी नहीं देने वाले कई बिल्डरों ने खरीदों को फ्लैट बेच चुके हैं। जबकि मौके पर निर्माण नहीं किया गया है। जिन खरीदारों से बिल्डरों ने पैसा लिया है। डीटीपी की तरफ से वसूल किए जाएंगे। इन बिल्डरों के रिकॉर्ड मांगे गए हैं, जिससे इन साइटों पर फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कर सके। इसके लिए सभी तहसीलदारों को निर्देश पहले की जारी कर दिए गए थे।

डीसी से मांगी है थर्ड पार्टी की अनुमति :

वरिष्ठ नगर योजनाकार के अनुसार बिल्डरों की साइटों का अधिग्रहण करने के लिए डीसी से अनुमति मांगी है। जिससे बिल्डरों का साइटों की जमीनों का मालिकाना हक विभाग के पास हो जाएगा। इन जमीनों की नीलामी कर बकाया ईडीसी वसूली जा सके।

इन बिल्डरों पर 20 करोड़ ईडीसी बकाया:

एसटीपी विभाग के अनुसार इन बिल्डरों पर करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक ईडीसी बकाया है। इसमें आरएमएस इस्टेट, यूनिटेक, स्टैनफोर्ड, एजेएस बिल्डर्स, एक्वेरियस, प्रमोद कुमार, पाल बिल्डवेल, जेन्टल रियटलर्स, न्यू इंडिया सिटी डेवलपर्स, पार्क वूड गुड़गांव, बेस्टा बिल्डर्स, कैलेस्टियल इस्टेट, न्यू इंडिया साइबर पार्क, द्वारकाधीश इस्टेट, एएमबी बिल्डर, पाल इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैबेनकोर मार्केटिंग, बृहस्पति निर्माण कंपनी शामिल है। जो सालों से ईडीसी नहीं दे रहे थे। इनको लगातार नोटिस जारी होते रहे हैं।

ये थे प्रोजक्ट:

एसटीपी की ओर से वर्ष 2018 में इन बिल्डरों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए थे। इसमें बिल्डरों के दो आवासीय प्रोजेक्ट, तीन अफोर्डेबल हाउसिंग और छह कॉमर्शियल और एक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लाइसेंस रद्द किए थे। इनके प्रोजेक्ट की रजिस्ट्री पर भी रोक लगाकर बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके बाद जांच होगी कि कितने लोगों को बेच चुके हैं।

रिकवरी के लिए जल्द कमेटी बनेगी :

बिल्डरों के प्रोजेक्ट का लाइसेंस कैंसिल होने के बाद फ्लैट और दुकानों की बुकिंग हुई थीं। लाइसेंस के 10 साल तक प्रोजेक्ट शुरू नहीं होने और ईडीसी नहीं देने पर लाइसेंस रद्द किए गए थे। इनसे बुकिंग राशि वसूली के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। जो साइटों की नीलामी कर खरीदारों और ईडीसी की रिकवरी की जा सके।

- 18 बिल्डरों के लाइसेंस दो साल पहले रद्द होने के बाद अब साइटों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के लिए डीटीपी प्लानिंग को निर्देश दिए गए हैं। इसमें दो बिल्डर रेवाड़ी के हैं। इसको लेकर सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए हैं। इनकी जमीन को विभाग कब्जे में लेने के लिए डीसी से अनुमति मांगी गई है। कई बिल्डरों ने प्रोजेक्ट में बुकिंग कर पैसा भी ले लिया है। इसकी जांच कर वसूली की जाएगी।

-संजीव मान, वरिष्ठ नगर योजनाकार गुरुग्राम

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  • Web Title:Screws on 16 builders who do not pay development fee