राजीव गांधी स्टेडियम में खेल सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
गुरुग्राम के राजीव गांधी स्टेडियमों में खिलाड़ियों के लिए नए सुधार किए गए हैं। खेल विभाग ने सुरक्षा बढ़ाने और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ट्रैक, लाइट और सफाई में सुधार किया है। पुराने और असुरक्षित उपकरणों को हटाया गया है। इससे खिलाड़ियों को सुरक्षित और बेहतर अभ्यास करने का माहौल मिलेगा।

गुरुग्राम। जिले के खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर है। राजीव गांधी स्टेडियम अब नए रूप में नजर आने लगे हैं। प्रदेश में हाल ही में हुई रोहतक की घटना के बाद खेल विभाग ने सभी स्टेडियमों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू की, जिसमें सबसे पहले गुरुग्राम के राजीव गांधी स्टेडियमों को संवारने का काम किया गया। जिले में तीन ब्लॉक में स्थित राजीव गांधी स्टेडियमों में बड़ी संख्या में खिलाड़ी नियमित अभ्यास करते हैं। इसे देखते हुए खेल विभाग ने न केवल बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया है, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसमें खंडेवला और मऊ लोकरी राजीव गांधी खेल स्टेडियम शामिल है। ट्रैक, लाइट और सफाई पर फोकस स्टेडियमों के सबसे खराब हालत में पड़े ट्रैक को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा गया है। टूटे और जर्जर हिस्सों को ठीक कर दौड़ ट्रैक को अभ्यास योग्य बनाया गया है। इसके साथ ही खराब लाइटों को बदलकर स्टेडियम में रोशनी की व्यवस्था बेहतर की गई है। नियमित सफाई पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल मिल सके। पुराने और असुरक्षित उपकरण हटाए गए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम परिसर से पुराने और जर्जर फुटबॉल पोल हटा दिए गए हैं। काउंसिल की मदद से ऐसे सभी उपकरण हटाए गए, जो खिलाड़ियों के लिए खतरा बन सकते थे। अलग-अलग खेलों के लिए नए संसाधन भी धीरे-धीरे तैयार किए जा रहे हैं। अभ्यास प्रभावित न हो, इसलिए चरणबद्ध सुधार: खेल विभाग ने सुधार कार्य इस तरह से किए हैं कि खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास बाधित न हो। ट्रैक और मैदानों की मरम्मत को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया, ताकि खिलाड़ी एक साथ अभ्यास जारी रख सकें। कई जगह सुबह और शाम के समय काम कराया गया, जिससे दिन के अभ्यास समय पर असर न पड़े। स्टेडियम में लौटने लगा अनुशासन सफाई व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ स्टेडियम में अनुशासन भी लौटता नजर आ रहा है। मैदान और ट्रैक के आसपास अव्यवस्थित सामान हटने से खिलाड़ियों को स्पष्ट और सुरक्षित स्पेस मिला है। इससे न केवल अभ्यास में सुविधा हुई है, बल्कि अभिभावकों में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। अधिकारियों का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कई बार उभरती प्रतिभाएं अभ्यास छोड़ देती हैं या निजी एकेडमी का रुख कर लेती हैं। स्टेडियमों के सुधरने से अब स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही जिले में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा। रोहतक में घटी थी घटना हरियाणा के रोहतक में नवंबर 2025 में बास्केटबॉल खेलते समय, राष्ट्रीय स्तर के 26 वर्षीय खिलाड़ी हार्दिक राठी की जर्जर और जंग लगे लोहे के पोल के गिरने से सीने पर चोट लगने के कारण मौत हो गई थी। जिले के राजीव गांधी स्टेडियमों की हालत सुधारना हमारी प्राथमिकता है। खिलाड़ियों की सुरक्षा और बेहतर अभ्यास सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक, लाइट, सफाई और पुराने उपकरणों को हटाने जैसे जरूरी कार्य पूरे किए गए हैं। कई जगह ट्रैक बेहद खराब स्थिति में थे, जिन्हें ठीक कर अभ्यास के योग्य बनाया गया है। - आरती सोलंकी, जिला खेल अधिकारी

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