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20 जनवरी, 2021|6:29|IST

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नंबर प्लेट के लिए घंटों लाइन लगा रहे

नंबर प्लेट के लिए घंटों लाइन लगा रहे

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों को बेरीवाले बाग के सेंटर पर लाइन लगानी पड़ रही है। भीड़ को देखकर पुलिस तैनात किया गया है, लेकिन यहां पर भीड़ रोजाना बढ़ती जा रही है। कोई नंबर प्लेट लगवाने के लिए तो कोई नंबर प्लेट की रसीद कटवाने के लिए लाइन लगाने को मजबूर है। पहली दिसंबर से पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट एचएसआरपी की अनिवार्यता के बाद वाहन मालिकों इसके लिए दौड़-भाग शुरू कर दी है।

इस वजह से हो रही देरी

बुकिंग पोर्टल का ठीक से न चलना और समय से न खुलना, बुकिंग कराए जाने के बाद लंबी-लंबी तारीखों का मिलना। अतिरिक्त धनराशि लेने की शिकायत। गलत तरीके से बन गई दोपहिया के बजाए चौपहिया वाहन की नंबर प्लेट के कैंसिलेशन की सुचारु व्यवस्था नहीं, टैक्सी में चल रही गाड़ी का निजी वाहन में ट्रांसफर के बाद भी पोर्टल पर टैक्सी का दर्शाया जाना, कैंसिलेशन व्यवस्था की जानकारी नहीं है।

अपटेड नहीं है पोर्टल:

15 साल पुराने वाहन की आरसी की फीडिंग पोर्टल में अपडेट नहीं है। इससे पोर्टल पर न तो वाहन का मेक पता चलता है, न माडल, फ्यूल का प्रकार, चेसिस नंबर आदि। ऐसे में पोर्टल को भरे जाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती है। ऐसे वाहन मालिक जिनकी मैन्यूफैक्चरिंग समाप्त हो गई है तो वे क्या करें। जो लोगों के लिए परेशानी कम होने का नाम ले रही है।

ज्यादा पैसा मांग रहे डीलर

प्लेट की एवज में डीलर या तैनात कर्मी अधिक पैसा मांग रहे हैं। ऐसे में लोगों को बेरीवाले बाग पर सुबह से लाइन में खड़े हो जाते है। उनको घंटो लाइन में लगने के बाद नंबर आता है और एक सप्ताह के बाद नंबर प्लेट लगाने का समय मिलता है।

पोर्टल पर इन दिनों रोजाना आठ से दस हजार बुकिंग हो रही है। गुरुग्राम में यह संख्या अधिक है। स्टिकर के लिए बनाए तीन काउंटरों पर सोमवार को भीड़ नजर आई। पहले जहां हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने वाले हर दिन 150 से 200 लोग आते थे, अब इनकी संख्या भी 300 से 350 हो गई है। जबकि स्टिकर लेने वालों की संख्या भी 500 के आसपास हो गई है। लोग यहां 2 से 3 घंटे लाइन में लग रहे हैं।

चार दिन तक लगाने पड़ रहे चक्कर

सेक्टर-23 के रहने वाले दीपक ने कहा कि कार की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पुरानी हो चुकी है। उस पर स्टीकर लगवाने के लिए चार दिनों से चक्कर लगा रहा हूं। गाड़ी लेकर दिल्ली में जाने में चालान कटने का डर बना रहता है। कोरोना को देखकर स्टीकर के लिए लाइन लगाने की हिम्मत नहीं पड़ती है। गुड़गांव गांव के रहने सचिन ने कहा कहा कि तीसरे दिन से यहां पर आ रहे है, स्टिकर के लिए लाइन लगाने के बाद नहीं मिल पा रहा है। यहां पर कांउटर बढ़ाए जाए तो लोगों की दिक्कत कम हो सकती है। गाड़ियों के चालान के डर से लोग कोरोना को भूल कर लाइन में लग जाते हैं।

यहां पर लगवा सकते हैं प्लेट और स्टिकर:

लिंक उत्सव कंपनी के स्टेट हेड रवि के अनुसार बेरीवाले बाग में दो कांउटर थे। अब यहां स्टिकर के लिए अलग से चार कांउटर कर दिए गए हैं। ऑनलाइन भी बुकिंग जारी है। आठ से दस हजार बुकिंग प्रदेश में स्टीकर के लिए रोजाना होती हैं। बाइक डीलरों, एसडीएम ऑफिस, आरटीए ऑफिस, में प्लेट और स्टीकर लगवाए जा सकते हैं।

निजी वाहन मालिकों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और स्टीकर लगवाना अनिवार्य हो चुका है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने की हालत में वाहनों के चालान हो रहे है। मैनुअल और पोस्टल चालान भी किए जा रहे है। लोगों ने अनुरोध किया रहा है गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और स्टीकर लगाए। लेकिन नंबर बुक कराने की रसीद लगाने से चालान नहीं होंगे।

-संजीव बल्हारा एसीपी ट्रैफिक

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  • Web Title:Putting hours on line for number plate