बिजलीघर में खराबी से डेढ़ हजार परिवार रातभर अंधेरे में रहे
गुरुग्राम में भीषण गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती से 1500 परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सेक्टर-99 में बिजली लोड को नए ट्रांसफार्मर पर स्थानांतरित करने का काम शुरू होगा। इससे बिजली के अघोषित कटौती से राहत मिलने की उम्मीद है। सुशांत लोक में भी स्थिति खराब बनी हुई है।

गुरुग्राम, - दीपक आहूजा। भीषण गर्मी में बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। सेक्टर-नौ के बिजलीघर में फाल्ट की वजह से सेक्टर-99 स्थित परीना लक्ष्मी अपार्टमेंट और हैबिटेट प्राइम में रातभर बिजली के अघोषित कट लगते रहे। इससे करीब 1500 परिवार परेशान रहे। समस्या के स्थायी समाधान के लिए एचवीपीएन की तरफ से नए ट्रांसफार्मर में शुक्रवार सुबह से बिजली लोड स्थानांतरित करने का काम शुरू किया जाएगा। इन दोनों सोसाइटियों को बिजली के अघोषित कटौती से राहत पहुंचाने के लिए सेक्टर-नौ में बिजली लोड को कम किया जाएगा। बिजली लोड को दूसरे बिजली घरों पर डाला जाएगा। शुक्रवार सुबह से एचवीपीएन और डीएचबीवीएन की तरफ से इस दिशा में काम शुरू कर दिया जाएगा। इस बिजली घर में 12.5/16 एमवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाया है। स्थानांतरण के चलते सुबह आठ बजे लेकर सुबह नौ बजे तक 11केवीए क्षमता के नौ फीडर बंद रहेंगे। इनमें ईएसआईसी, सेक्टर-नौए वॉटर सप्लाई, नेहरू लाइन, भवानी इंक्लेव, सेक्टर-37सी में बीएनसी-टू, बसई इंडस्ट्रियल क्षेत्र, कंट्री वाइड, धुत इंफ्रा, एचएसआईआईडीसी शामिल हैं। सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक 11केवीए के फीडर बंद रहेंगे। इनमें बसई इंडस्ट्रियल क्षेत्र, सेक्टर-नौए की सोसाइटी, गुरुद्वारा, न्यू कॉलोनी-दो शामिल हैं।
जीएमडीए और एचवीपीएन के बीच विवाद
डीएचबीवीएन के अधीक्षक अभियंता श्यामबीर सैनी के मुताबिक बिजली लोड नए ट्रांसफार्मर पर स्थानांतरित होने के बाद सेक्टर-99 की इन रिहायशी सोसाइटियों में बिजली के अघोषित कट नहीं लगेंगे। बता दें कि यह दोनों रिहायशी सोसाइटी किफायती आवास योजना के तहत विकसित हैं। इनमें जनरेटर की सुविधा नहीं हैं। बिजली जाने की स्थिति में फ्लैट में रहने वाले लोग इनवर्टर पर आश्रित हो जाते हैं। कई बार तो बिजली घंटों के लिए चली जाती है, जिसमें इनवर्टर भी ठप हो जाते हैं। भीषण गर्मी में लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।
सुशांत लोक में बिजली कट लगे
वैसे तो सेक्टर-99 को सेक्टर-99ए में निर्माणाधीन 220केवी के बिजली घर से बिजली मिलनी है, लेकिन पिछले तीन साल से यह निर्माणाधीन है। खास बात यह भी है कि इस बिजली घर में दौलताबाद स्थित 400 केवी बिजली घर से बिजली पहुंचनी है। जीएमडीए के साथ चल रहे जमीन विवाद में बिजली टावर खड़े नहीं हो पा रहे हैं।
सुशांत लोक एक्सटेंशन आरडब्ल्यूए के प्रधान पवन यादव के मुताबिक सुशांत लोक दो और तीन में बिजली कट लगना आम हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से तो स्थिति बेहद खराब हैं। रात आठ बजे से बिजली कट लगना शुरू हो जाते हैं, जो देर रात तक लगते रहते हैं। डीएचबीवीएन के अधिकारी किसी तरह का समाधान निकालने में विफल साबित हुए हैं।
रातभर जनरेटर पर आश्रित रही सोसाइटी
सेक्टर-110ए स्थित पुरी डिप्लोमैटिक ग्रींस सोसाइटी रातभर बिजली के लिए जनरेटर पर आश्रित रही। रात 10 बजे बिजली कट लगा था, सुबह आठ बजे के आसपास बिजली सप्लाई बहाल हुई। जनरेटर से बिजली की एवज में चार गुणा अधिक लागत आती है। इसके अलावा प्रदूषणस्तर भी बढ़ता है। सेक्टर-109 स्थित एटीएस ककून में भी करीब चार घंटे रात के समय बिजली गुल रही। रात 10 बजे बिजली कट लगा, जो देर रात दो बजे बहाल हो सकी। इस दौरान यह सोसाइटी जनरेटर पर आश्रित रही।
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