Gurgaon News: सीनियर डिप्टी मेयर ने मेयर पर तानाशाही के आरोप लगाए
Gurgaon News: गुरुग्राम के मानेसर में सीनियर डिप्टी मेयर और मेयर के बीच टकराव जारी है। सीनियर डिप्टी मेयर ने मेयर पर तानाशाही के आरोप लगाए हैं और कहा है कि अगली बैठक में सुरक्षा के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर जाएंगे। उन्होंने बताया कि मार्च के बाद से कोई बैठक नहीं हुई, जिससे विकास कार्य ठप हो गए हैं।

Gurgaon News: गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। नगर निगम मानेसर में सीनियर डिप्टी मेयर और मेयर के बीच का सियासी टकराव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सीनियर डिप्टी मेयर ने मेयर पर गंभीर तानाशाही के आरोप लगाते हुए कहा है कि अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि उन्हें सदन की अगली बैठक में बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर पहुंचना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चार अगस्त को हुई सदन की बैठक में जनता के हित की आवाज उठाई, तो उनकी आवाज को दबाने के लिए मेयर द्वारा गनमैन बुला लिए। उन्हें बोलने तक का समय नहीं दिया जाता है। सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि मार्च माह के बाद से न तो नगर निगम सदन की नियमित बैठक बुलाई गई है और न ही वित्त एवं संविदा समिति की कोई बैठक आयोजित की गई है। सदन के अध्यक्ष द्वारा समय पर बैठकें न बुलाए जाने के कारण पूरे मानेसर क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। 4 अगस्त को हुई सदन की बैठक में जब उन्होंने जनहित के मुद्दों पर बोलना चाहा, तो उन्हें समय नहीं दिया गया और विरोध करने पर सुरक्षाकर्मियों को अंदर बुला लिया गया。
सदन में गनमैन बुलाने पर जताई जान की आशंका
सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि 4 अगस्त को आयोजित बैठक के दौरान उनके बोलने पर मेयर ने सदन के अंदर अपने गनमैन बुला लिए थे। उन्होंने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि जब सदन में अपनी बात रखने पर सुरक्षाकर्मियों को अंदर बुलाया जा सकता है, तो अगली बैठक में जनता की आवाज उठाने पर कुछ भी अप्रिय घटना घट सकती है। इसी वजह से उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब अगली बैठक में उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर ही जाना होगा।
मार्च से बैठकें न होने से विकास कार्य ठप
सीनियर डिप्टी मेयर का आरोप है कि मार्च के बाद से निगम प्रशासन पूरी तरह सुस्त पड़ा है। सदन और वित्त एवं संविदा समिति की बैठकें न होने के कारण नई परियोजनाओं की फाइलें अटकी पड़ी हैं। उन्होंने मांग उठाई कि सदन के अध्यक्ष को नियमों के तहत तुरंत बैठक बुलानी चाहिए, ताकि रुके हुए विकास कार्यों को गति मिल सके और जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।


