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29 दिसंबर, 2020|12:23|IST

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विभागों की वर्षों पुरानी बिल्डिंग में लोगों को जाने से लगता है डर

विभागों की वर्षों पुरानी बिल्डिंग में लोगों को जाने से लगता है डर

हिन्दुस्तान पड़ताल: गुरुग्राम। कार्यालय संवाददाता। मिलेनियम सिटी में कई सरकारी विभागों की वर्षों पुरानी बिल्डिंगों लोगों को जाने से डर लगता है। जिला रजिस्ट्रार एवं फर्म सोसाइटी व जिला उद्योग केंद्र, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन का जिला प्रबंधक दफ्तर की बिल्डिंग काफी पुरानी है और जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। बिल्डिंग देखने में इतनी जर्जर लगती है कि कब गिर जाएगी, इसका अंदाजा नहीं। इसके बाद भी इसकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह उस उद्योग विभाग की बिल्डिंग की हालत है, जिसकी वजह से पूरे एशिया में गुरुग्राम की पहचान है।

यहां पर आम लोगों की दिनभर लाइन लगी होती है

नई औद्योगिक इकाई लगाने के लिए फाइल सबसे पहले सेक्टर-14 के जिला उद्योग केंद्र में जमा की जाती है। औद्योगिक इकाइयों का पूरा लेखा जोखा जिला उद्योग विभाग के पास ही होता है। इस वजह से केंद्र में दिन भर उद्यमियों का आना-जाना लगता रहता है। यही नहीं सामाजिक संगठनों से लेकर हाउसिंग सोसाइटियों के पंजीकरण से लेकर उनके ऊपर नजर रखने की जिम्मेदारी भी केंद्र के पास है। इस वजह से आम लोगों की दिनभर लाइन लगी रहती है। दफ्तर पहुंचने वाले लोगों ने कहा कि मिलेनियम सिटी में जिला उद्योग केंद्र की हालत शायद ही किसी विभाग की बिल्डिंग की हो। न बैठने के लिए सही कुर्सी है, न टायलेट सही है और न ही अन्य सुविधाएं। बारिश होते ही परिसर में पानी जमा हो जाता है।

आरडब्ल्यूए होती है परेशान:

गुरुग्राम के सेक्टरों और सोसाइटियों के आरडब्ल्यूए चुनाव को लेकर रस्साकसी चल रही है। इस वजह से भी काफी लोग पहुंचते हैं। अधिकतर लोग डरते हुए केंद्र के भीतर पहुंचते हैं। सुनवाई के लिए दफ्तर बुलाया जाता है, लेकिन बिल्डिंग खस्ताहल होने से डर बना रहता है। पूर्व आरडब्ल्यूए सतपाल ठाकरान ने कहा कि पंजीकरण कराने पर हजारों रुपये की फीस आरडब्ल्यूए को देनी पड़ती है, लेकिन नई बिल्डिंग नहीं बनाकर लाखों रुपये खर्च करके रंगाई पुताई और मरम्मत करवाया गया है।

केंद्र के कर्मी भी हैं परेशान:

गुरुग्राम-महरौली रोड के हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन का जिला प्रबंधक दफ्तर की बिल्डिंग काफी पुरानी हो चुकी है। यहां काम करने वाले कर्मी भी परेशान हैं। दबी जुबान से सभी कहते हैं कि वह लोग कुछ बोल नहीं सकते। सच्चाई यह है कि यदि कोई आ जाता है तो शर्म महसूस होती है। बैठाने के लिए कुर्सी तक नहीं। पहले तो लोग बाहर से ही बिल्डिंग देखकर डर जाते हैं, जबकि यहां पर हर प्रकार के ट्रैक्टर, खाद, बीज, बैट्री और टायर टयूब उचित दामों पर उपब्ल्ध कराए जाते हैं।

एआर दफ्तर 50 साल पुरानी बिल्डिंग में:

सिविल लाइंस स्थित सहकारी समिति के सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय 50 साल पुरानी बिल्डिंग में बना है। बिल्डिंग के चारों ओर घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। इस दफ्तर में 326 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों के लोगों का हर समय आना जाना लगता है, लेकिन नई बिल्डिंग नहीं बनाए जाने से लोगों को दफ्तर में जाने से डर बना रहता है। पिछले साल सीएसआर के तहत एआर केबिन की रंगाई पुताई कराई गई। लेकिन कमरों की स्थिति में कोई सुधार नहीं है। यहां पर टायलेट और लोगों के बैठने तक की सुविधा नहीं है।

-जिला उद्योग केंद्र की दशा सुधारी गई है। केंद्र के भीतर काफी काम कराए गए हैं। बेहतर माहौल तैयार किया गया है। इसके लिए बिल्डिंग के रखरखाव पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन कितना पैसा खर्च किया गया है इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है।

-राजेश कुमार, सहायक निदेशक, उद्योग विभाग, गुड़गांव

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  • Web Title:People are afraid to go to the old building of the departments