
पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव तलब
संक्षेप: गुरुग्राम के बंधवाड़ी प्लांट में कूड़े के ढेरों से पर्यावरणीय नुकसान को लेकर एनजीटी ने पर्यावरण विभाग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले की सुनवाई 16 दिसंबर को होगी, जिसमें प्रिंसपल...
गुरुग्राम। बंधवाड़ी प्लांट में कूड़े के ढेरों को लेकर होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को लेकर रिपोर्ट एनजीटी में पेश न करने पर एनजीटी ने पर्यावरण विभाग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही एनजीटी ने पर्यावरण के प्रमुख सचिव (प्रिंसपल सैक्रेटरी) को तलब कर लिया है। अब इस मामले को लेकर 16 दिसंबर को सुनवाई होनी है। इस दौरान पर्यावरण के प्रिंसपल सैक्रेटरी एनजीटी में खुद पेश होकर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बता दें कि बंधवाड़ी कूड़ा प्लांट से बाहर अरावली के जंगल में बह रहे जहरीले पानी और कूड़ा निस्तारण को लेकर एक मामला बीते छह साल से एनजीटी में विचाराधीन है।

14 अगस्त 2025 को इस मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य पर्यावरण सचिव सहित सभी संबंधित विभागों को चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन राज्य पर्यावरण विभाग की ओर से एनजीटी में कोई भी अनुपालना रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी ने पर्यावरण विभाग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं नगर निगम से भी कूड़ा निस्तारण को लेकर रिपोर्ट मांगी है। पर्यावरणविदों ने केंद्रीय मंत्री से शिकायत की बंधवाड़ी लैंडफिल साइट से निकलने वाले जहरीले रिसाव ने अरावली और आस-पास के पांच गांवों के 50 हजार से अधिक लोगों के जीवन को संकट में डाल दिया है। एक दशक से चल रहे इस पर्यावरणीय और मानवीय संकट पर प्रशासन की निष्क्रियता से नागरिक हताश हैं, जबकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और हरियाणा मानवाधिकार आयोग जैसे संस्थानों के आदेशों की लगातार खुली अवहेलना की जा रही है। पर्यावरण के अवहेलना को लेकर पर्यावरणविद वैशाली राणा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखित में शिकायत भेजी है।

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