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बच्ची के दिमाग में कीड़े के अंडे पर रिपोर्ट तलब

एक निजी अस्पताल में आठ साल की बच्ची के दिमाग से 100 से अधिक टेपवर्म (कीड़ा) के अंडे निकालने के दावे का राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने संज्ञान लिया है। केंद्र ने जिला स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की ओर से किए गए इलाज के बारे में जानकारी मांगी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पतालों से इससे संबंधित मरीजों के आंकड़े मांगे हैं।

दरअसल, एक निजी अस्पताल ने आठ साल की बच्ची में अजीब प्रकार की बीमारी पाई थी। अस्पताल के मुताबिक बच्ची को गंभीर सिरदर्द और मिर्गी के दौरे पड़ रहे थे। अस्पताल में भर्ती होने से पहले दिमाग में कई सिस्ट होने से न्यूरोसिस्टसरकोसिस बीमारी बताई गई थी। बच्ची के दिमाग में सूजन भी थी। सूजन को कम करने के लिए उसे लंबे समय तक स्टेरॉयड भी लेना पड़ा था। इससे उसका वजन 40 किलो से 60 किलो हो गया। इस वजह से उसे चलते समय सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

इस पर बच्ची का सीटी स्कैन कराया गया तो दिमाग में 100 से ज्यादा सिस्ट(पुटी) दिखे, इसमें टेपवर्म के अंडे थे। ये पेट से खून के रास्ते दिमाग में पहुंच गए थे।

क्या है टेपवर्म

डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमित फल खाने, सब्जियां ठीक से न धोने, मीट के ठीक से न पकाने के कारण जीवाणु पेट में चले जाते हैं। इसे टेपवार्म टेनिया सोलियम कहते हैं। खून में मिलने के कारण यह शरीर के किसी भी हिस्से में जमा हो सकते है। इसके लक्षण तभी दिखाई देते हैं, जब इसके सिस्ट विकसित होने लगते हैं और अक्सर सेंट्रल नर्व के जरिए न्यूरोसिस्टीसरकोसिस, कंकाल की मांसपेशियों, आंखों और त्वचा को प्रभावित करते हैं।

सूचना साझा करें

जिला मलेरिया सर्विलांस अधिकारी राम प्रकाश ने बताया कि सभी निजी अस्पतालों को इस बारे सूचना दी गई है। इस प्रकार की बीमारी से संबंधित मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा करें। सभी सीएचसी-पीएचसी को भी इस बारे जागरूक कर दिया गया है।

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  • Web Title:National Center on Tap Warm Report