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अरावली में पक्षियों की संख्या 6 गुना से अधिक हुई कम

अरावली में पक्षियों की तादाद में छह गुना से अधिक तक कमी आई है। पिछले सालों तक यहां पक्षियों की 540 प्रजातियां आशियाना बनाकर रह रही थीं। वहीं 2017 में इनकी संख्या घटकर 80 से 90 रह गई है। अरावली में पक्षियों की प्रजातियों की वि‌विधता जानने के लिए शोध किया गया है। मानेसर स्थिति एमिटी यूनिवर्सिटी की ओर से तीन माह तक किए गए शोध में करीब 80 पक्षियों की प्रजातियां ही मिली हैं। 2009-10 में इनकी संख्या 500 से अधिक थी। जानकारी के मुताबिक एमिटी पर्यावरण शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. कुशाग्र की देखरेख में शोध का कार्य किया गया। अरावली की पहाड़ी में बाहरी प्रजातियों का पता लगाना था। डॉ. कुशाग्र के मुताबिक अरावली में रहने वाले पक्षियों की संख्या तेजी से घट रही है। इसकी प्रमुख वजह रोजाना पेड़ों की कटाई, प्रदूषण, शहरीकरण है। अरावली की वास्तविक स्थिति आएगी सामने एमिटी की ओर से किए गए शोध का उद्देश्य अरावली की वास्तविक स्थिति को सबके सामने लाना है। ताकि सरकारी महकमे इसे बचाने के लिए जरूरी पहल करें। समय रहते अरावली को बिखरने से बचाया जा सके। विलायती कीकरी की गिरफ्त में अरावली शोध में सामने आया है कि वन विभाग की अदूरदर्शिता के कारण विलायती कीकर बढ़ रहा है। इसकी वजह से पौधों की विविधता में कमी आयी है। अरावली में पानी के गिरते जल स्तर के कारण जंगली जानवर, पक्षी और पौधे प्रभावित है। प्रमुख तौर पर ये प्रजातियां पाई गईं -सिल्वर बिल -ब्लैक रैंप्ड फ्लेमबैक -पैराडाइज फ्लाईकैचर -सनबर्ड -बारबेट -अरावली में पक्षियों की संख्या इस तरह से कम नहीं हो सकती। सर्वे रिपोर्ट मंगाकर उसका विश्लेषण किया जाएगा। -श्याम सुंदर कौशिक, डीएफओ (वन्यजीव विभाग)

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  • Web Title:Less than 6 times the number of birds in Aravali