
खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया
गुरुग्राम में तीन दिवसीय चौथा अंतरराष्ट्रीय खेल अभियांत्रिकी सम्मेलन शुरू हुआ। इसमें उद्योग विशेषज्ञों ने भारतीय खेलों के विकास पर चर्चा की। मुख्य अतिथि डॉ. संजय कौशिक ने वैश्विक परस्पर क्रियाओं के...
गुरुग्राम। उद्योग विहार के एक होटल में शुक्रवार से तीन दिवसीय चौथा अंतरराष्ट्रीय खेल अभियांत्रिकी सम्मेलन (आईसीएसई ) शुरू हुआ। इसमें भारत के खेल विकास पर चर्चा करने के लिए उद्योग विशेषज्ञ और खेल समर्थक एकत्र हुए। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने भारतीय खेलों को बढ़ावा देने में वैश्विक परस्पर क्रियाओं के महत्व पर बल दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि अर्जुन पुरस्कार विजेता राजकुमार संगवान ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार लाने वाले फलदायी सहयोग को देखकर खुशी व्यक्त की। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के साथ मिलकर द्रोणाचार्य कॉलेज ने तीन दिवसीय चौथा अंतरराष्ट्रीय खेल अभियांत्रिकी सम्मेलन आयोजित किया है।

इसमें विभिन्न संस्थानों से आए हुए रिसर्च स्कॉलर्स ने अपने गहन अध्ययन से बनाए हुए रिसर्च पेपर्स प्रेजेंट किए। आईआईटी खड़गपुर, मदर्स, रुड़की से आए हुए छात्रों ने मॉडर्न टेक्नोलॉजी एवं स्पोर्ट्स को एआई की मदद से विकसित करने पर जोर दिया। महिला एथलीटों का प्रभाव पदमश्री अवार्डी डा. सुनील डबास ने बताया कि भारत में 5-6% महिला एथलीटों ने देश के 44% पदक जीते हैं। महिलाओं को खेलो में ज्यादा बढ़वा दिया जाना चाहिए। उन्होंने मलेशिया, दुबई, कोरिया, स्पेन और बार्सिलोना के प्रोफेसरों ने अपने अनुभव साझा किए, खेल विकास में वैश्विक परस्पर क्रिया के महत्व पर जोर दिया। खेल संस्कृति का निर्माण करने को महत्वपूर्ण बताया सम्मेलन में पैनलिस्ट ने खेल संस्कृति का निर्माण करने को महत्वपूर्ण बताया। प्रोफेसर राव, प्रोफेसर महेश, शिव नरेश स्पोर्ट्स और मिस अनुपमा ने भारत में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया, खेल उपकरण निर्माण में आत्मनिर्भरता की कल्पना की। कई खेल उपकरण बनने वाली कंपनियों ने उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरणों के साथ खेल को बढ़ावा दिया है। इसमें भारतीय हॉकी टीम और प्रो कबड्डी लीग जैसी टीमों के साथ साझेदारी करता है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


