अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विडियो कांफ्रेंसिंग में दिए पराली जलाने से रोकने के निर्देश

कृषि विभाग के प्रधान सचिव डा. अभिलक्ष लिखी ने बुधवार को वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी उपायुक्तों के साथ बात की। इस दौरान उन्होंने धान उत्पादक किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए लिए कहा। प्रधान सचिव ने किसानों को धान की कटाई के बाद खड़े डंठल की जुताई कराने के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए। कहा कि ऐसा करने से खेत की उत्पादकता तो बढ़ेगी ही, प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी।

डा. लिखी ने कहा कि धान की पराली की जुताई के लिए जरूरी कृषि उपकरण सरकार 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने विडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित कृषि विभाग के अधिकारियों को सब्सिडी पर कृषि उपकरण खरीदने वाले किसानों के खाते में सब्सिडी राशि तत्काल स्थानांतरित कराने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। गुरुग्राम जिले से अतिरिक्त उपायुक्त मुनेष शर्मा ने अपनी रिपोर्ट भी दी। कहा कि यहां 19 किसानों को सब्सिडी पर कृषि उपकरण दिए गए हैं। इन किसानों के लिए 5 लाख 58 हजार रुपये की सब्सिडी उनके खाते में जमा भी करा दी गई है। अब तक किसानों को 10 रोटावेटर, 7 जीरो टिलेज मशीन, एक रिवसिबल एमबी प्लो सब्सिडी पर दिए गए हैं। इसके मौके पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, सूचना जन संपर्क विभाग के उपनिदेशक आरएस सांगवान, कृषि विभाग के एसडीओ अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।

मोबाइल स्क्वाड जांच करेगी

डा. लिखी ने बताया कि इस बार धान की पराली जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से तहसील व ब्लाक स्तर पर जांच के लिए मोबाइल स्क्वाड बनाया गया है। ये टीमें आकस्मिक तौर पर जांच करेंगी और जिनके खेत में आग लगी मिलेगी, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगी उन्होंने बताया कि पिछले साल जिन-जिन जिलों में पराली जलाने की सूचना मिली थी, उनकी पहचान कर ली गई है। जांच टीमों की इन स्थानों पर विशेष नजर रहेगी। उन्होंने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के माध्यम से भी सभी गांवों में मुनादी कराने के भी निर्देश दिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Instructions for preventing burning of pollution in video conferencing