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1 नवंबर, 2020|3:55|IST

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शिक्षा से वंचित अप्रवासी बच्चों को मुख्य धारा में लाने की पहल

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गुरुग्राम। कार्यालय संवाददाता

मिलेनियम सिटी में अप्रवासी बच्चों की शिक्षा के लिए ऑल इंडिया सिटीजंस एलायंस फॉर प्रोग्रेस एंड डेवलपमेंट (आईसीएपीडी) का पिछले एक दशक से चल रहा अभियान मोबाइल स्कूल अब रंग लाया है। पहले झुग्गी बस्ती में चलने वाला स्कूल अब एक 52 सीटर बस में तब्दील किया गया है। इसे इनोवेटिव प्रोजेक्ट का नाम दिया गया है। स्कूल आपके द्वार जो सीधे निर्माण साइटों के आसपास और झुग्गी बस्तियों में रह रहे अप्रवासी मजदूरों के बच्चों को शिक्षा मुहैया कराएगा।

इस इनोवेटिव स्कूल आपके द्वार का शुभारंभ आरईसी लिमिटेड के सीएमडी एसके गुप्ता ने रविवार को हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि वह पूरे देश में जरूरतमंदों को आरईसी के निगमित सामाजिक दायित्व के तहत मदद पहुंचा रहे हैं। खासकर शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह इनोवेटिव मोबाइल स्कूल निर्माण साइटों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए बहुत ही अच्छा साबित होगा। स्कूल आपके द्वार प्रोजेक्ट से वह भी अपने बच्चे को शिक्षित कर सकेंगे। आरईसी संस्था के सीईओ डॉ. एसएन श्रीनिवास ने कहा कि बस को खासतौर पर एक स्कूल की शक्ल में डिजाइन किया गया है, जिसमें एक स्कूल की सारी जरूरतें जैसे ब्लैक बोर्ड, डेस्क, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, पंखे, कूलर, लाइब्रेरी सहित तमाम सुविधाएं हैं। इससे इन वंचित बच्चों की पढ़ाई को आकर्षक बनाया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस स्कूल में लगे सभी उपकरण सौर ऊर्जा से संचालित हैं। गुरूग्राम में इस प्रोजेक्ट के तहत छह स्थानों पर 50 बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है। मोबाइल स्कूल के संस्थापक संदीप राजूपत ने बताया कि शिक्षा का अधिकार कानून 2009 लागू होने के वाबजूद भी भारत में आज भी लाखों 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चे 8वीं कक्षा तक की शिक्षा ग्रहण करने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षित कर समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए यह पहल की गई है।

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  • Web Title:Initiative to bring education-deprived immigrant children into the mainstream