
औद्योगिक ढांचे में कई सुधार होंगे
गुरुग्राम। उद्योगों ने सरकार के नए लेबर कोड लागू किए जाने के निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उद्यमियों ने औद्योगिक ढांचे को आधुनिक, पारदर्शी और
गुरुग्राम। उद्योगों ने सरकार के नए लेबर कोड लागू किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उद्यमियों ने औद्योगिक ढांचे को आधुनिक, पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में से एक बताया। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि लंबे समय से उद्योग जगत ऐसे सुधारों की प्रतीक्षा कर रहा था, जो श्रम कानूनों को एकीकृत, सरल, व्यवसाय-अनुकूल तथा व्यावहारिक बनाएं। नए लेबर कोड उसी दिशा में एक दूरदर्शी कदम हैं। उन्होंने कहा कि नए लेबर कोड लगी होने से श्रमिक ओर प्रबंधन दोनों को संभावित लाभ होंगे जिनमें प्रमुख कम्प्लायंस प्रक्रियाओं में सरलता होगी।
जिनमें विभिन्न पुरानी कानूनों को एकीकृत कर एक समन्वित ढांचा तैयार किया गया है। उद्योगों को बार-बार अलग-अलग फॉर्म भरने, निरीक्षण झेलने या जटिल प्रक्रियाओं से गुजरने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी। चेयरमैन ने कहा कि इससे समय, संसाधन और लागततीनों की बचत होगी। निवेश और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। स्पष्ट एवं समान श्रम ढांचा देशभर में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगा। घरेलू व विदेशी निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ेगा, जिससे नए उद्योग और उत्पादन इकाइयों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई, स्टार्टअप्स और विनिर्माण क्षेत्र को विशेष रूप से लाभ होगा। श्रमिकों के अधिकार मजबूत होंगे, जिसके अंतर्गत श्रमिकों के लिए बेहतर सुरक्षा, स्वास्थ्य, सुविधा और कार्य वातावरण सुनिश्चित किया गया है। वेतन भुगतान, सामाजिक सुरक्षा, कार्य घंटे और सुरक्षा मानकों को अधिक स्पष्ट और सख्त बनाया गया है। उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर संतुलन और सौहार्द वातावरण स्थापित होगा। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को नई ऊर्जा निरीक्षण प्रणाली के डिजिटलीकरण, पारदर्शिता और जोखिम-आधारित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएँ व्यवसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएंगी। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उद्योग अपनी ऊर्जा विकास एवं विस्तार पर केंद्रित कर सकेंगे। दीपक मैनी ने कहा कि पीएफटीआई आने वाले समय में उद्योगों के बीच नए लेबर कोड की जागरूकता, प्रशिक्षण और अनुपालन को बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित करेगा, ताकि इन सुधारों का लाभ व्यावहारिक रूप से उद्योगों और श्रमिकों तक पहुंच सके। सीआईआई गुरुग्राम जोन के चेयरमैन विनोद बापना ने औद्योगिक संरचना के लिए एक युगांतरकारी फैसला करार दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। ये सुधार भारत के उत्पादन, श्रमिक कल्याण और निवेश माहौल तीनों के लिए ऐतिहासिक बदलाव लाएंगे। 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों को हटाकर चार सरल और व्यापक कोड्स में समाहित करना न सिर्फ उद्योगों के लिए राहत भरा कदम है, बल्कि देश के श्रमिकों को भी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करेगा।

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