ईंधन बचाने के लिए निजी कंपनियों को वर्क फ्राम होम की सलाह
गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। वर्क फ्रॉम होम का कल्चर हरियाणा के कॉर्पोरेट सेक्टर में एक बार फिर दस्तक दे सकता है। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तना

गुरुग्राम, गौरव चौधरी। वर्क फ्रॉम होम का कल्चर हरियाणा के कॉर्पोरेट सेक्टर में एक बार फिर दस्तक दे सकता है। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और देश के बढ़ते आयात बिल के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अपनी खर्चों में कटौती की नीतियों को अब सरकारी विभागों से आगे बढ़ाते हुए निजी क्षेत्र पर भी लागू करने की तैयारी कर ली है।
सरकारी दिशानिर्देश
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, राज्य के उद्योग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह तुरंत नासकॉम, सीआईआई और फिक्की जैसी शीर्ष उद्योग संस्थाओं के साथ बैठकें कर निजी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम और दफ्तर के अलग-अलग समय अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की सलाह दी है।
गुरुग्राम की सड़कों से हटेगा पांच लाख कारों का बोझ
सरकार के इस फैसले का सबसे व्यापक और सीधा असर देश की साइबर सिटी कहे जाने वाले गुरुग्राम पर पड़ेगा, जहां सैकड़ों फॉर्च्यून 500 कंपनियां और देश के बड़े कॉर्पोरेट मुख्यालय स्थित हैं। एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली, फरीदाबाद और एनसीआर के अन्य हिस्सों से प्रतिदिन लगभग पांच लाख कारें गुरुग्राम की सीमा में प्रवेश करती हैं और शाम को वापस लौटती हैं।
प्रभाव और लाभ
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया गुरुग्राम की सड़कों पर अधिकांश ट्रैफिक दैनिक रूप से आने-जाने वाले कामकाजी लोगों का ही होता है। यदि कंपनियां वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल अपनाती हैं, तो सड़कों से वाहनों का बोझ काफी कम हो जाएगा, जिससे न केवल ईंधन बचेगा बल्कि प्रदूषण और जाम से भी बड़ी मुक्ति मिलेगी।
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