प्रदेश के 121 सिख परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी देंगे : नायब सिंह सैनी

प्रदेश के 121 सिख परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी देंगे : नायब सिंह सैनी

संक्षेप:

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1984 के दंगों में अपने परिजनों को खोने वाले हरियाणा के 121 सिख परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है। उन्होंने गुरुग्राम में एक नाटक कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की और गुरु तेग बहादुर साहिब के बलिदान को मानवता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

Dec 11, 2025 10:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 1984 के दंगों में अपने परिजनों को खोने वाले हरियाणा के 121 सिख परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने का निर्णय लिया है। दिसंबर 2022 में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की स्थापना की गई, जिससे प्रदेश के सिख समुदाय को लंबे समय से अपेक्षित स्वायत्तता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री गुरुवार को ग्ररुग्राम में आयोजित तप से त्याग तक संगीतमय नाटक मंचन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। कश्मीरी हिंदू प्रकोष्ठ हरियाणा के साथ मिलकर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की ओर से गुरु तेग बहादुर के 350 वें शहीदी दिवस पर गुरुग्राम के अपैरल हाऊस में तप से त्याग तक संगीतमय नाटक मंचन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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इसमें प्रख्यात अभिनेता व पद्म भूषण अलंकृत अनुपम खेर मुख्यतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब का जीवन, हमें संदेश देता है कि अत्याचार चाहे कितना ही बड़ा क्यों न हो, सत्य और धर्म की शक्ति हमेशा उससे अधिक महान होती है। धर्म केवल पूजा करने का नाम नहीं, बल्कि सत्य, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा की रक्षा का मार्ग है। गुरु साहिब का बलिदान मानवता का दिव्य पर्व है और भारत सदियों से इस आध्यात्मिक परंपरा का केंद्र रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ओएसडी प्रभलीन सिंह ने मंच से संगत का सत्कार किया। मुख्यमंत्री ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने अनुपम खेर व मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे। संस्कृति का आधार है त्याग : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि तप से त्याग तक नाटक मंचन हमें याद दिलाता है कि हमारी संस्कृति का आधार त्याग है। हमारी सभ्यता की आत्मा तप है। हमारी राष्ट्रीयता की शक्ति सत्य है। यह नाटक विशेषकर युवा पीढ़ी को बताता है कि बलिदान केवल इतिहास का अध्याय नहीं है, बल्कि एक चेतना है, जो राष्ट्र को जीवंत रखती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने सिख इतिहास, गुरु परंपरा और सिख समुदाय के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करते हुए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती से लेकर गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान स्मृति वर्ष तक, हम तीव्र गति से आगे बढ़ रहे हैं। गुरु परंपरा के सम्मान में कई कार्य किए गए हरियाणा सरकार द्वारा सिख समुदाय, सिख इतिहास और गुरु परंपरा के सम्मान में कई कार्य किए जा रहे हैं। सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में गुरु तेग बहादुर पर शोध के लिए चेयर की स्थापना की गई है, जो शोध परंपरा को नई दिशा प्रदान करेगी। हाल ही में गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक अंबाला को गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखने की घोषणा भी की गई है। सरकार ने असंध के कॉलेज का नाम सरबंसदानी गुरु गोबिन्द सिंह के छोटे बेटे बाबा फतेह सिंह के नाम पर रखने का निर्णय लेकर सिख इतिहास के प्रति सम्मान को और मजबूत किया है। यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम 'हिंद की चादर' गुरु तेग बहादुर सिंह के नाम पर रखा गया है, जबकि लखनौर साहिब में माता गुजरी के नाम से वीएलडीए कॉलेज स्थापित किया गया है। गत 27 अक्तूबर को लौहगढ़, यमुनानगर में बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक का शिलान्यास किया गया है। यह सभी पहल सिख विरासत, गुरु परंपरा और सामुदायिक सम्मान के प्रति हरियाणा सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। गुरु तेग बहादुर साहिब का बलिदान संपूर्ण मानव सभ्यता के माथे का तिलक : अनुपम खेर अनुपम खेर ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसे क्षण विरले ही आते हैं जब कोई महापुरुष अपने प्राणों का त्याग कर धर्म, मानवता और सत्य को नया आयाम प्रदान करता है। गुरु तेग बहादुर साहिब का बलिदान केवल सिख इतिहास की धरोहर नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव सभ्यता के माथे का तिलक है। उन्होंने कश्मीर के उन कठिन समयों का उल्लेख किया, जब अत्याचार अपनी चरम सीमा पर था और उसी समय गुरु तेग बहादुर ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए धर्म स्वतंत्रता की प्रथम वैश्विक घोषणा की। खेर ने कहा कि गुरु महाराज का त्याग भारतीय अध्यात्म, साहस और मानवता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा।अनुपम खेर ने कश्मीरी हिंदू समुदाय की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि कश्मीरी विस्थापितों के दर्द को देश का दर्द बनाया और उनके पुनर्वास के लिए संवेदनशील पहलें कीं। नाटक का शानदार मंचन किया आरएमके आर्ट्स फाउंडेशन, जम्मू ने विजय धर द्वारा लिखित एवं निर्देशित इस नाटक का शानदार मंचन किया गया। कुलदीप सप्रू ने इस नाटक में संगीत तथा ध्वनि रूपांकन से जीवंतता भर दी। इस अवसर पर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर दिनेश कुमार, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर संजय कौशिक, दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के वीसी अमित आर्य, डीसी अजय कुमार, सीपी विकास अरोड़ा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, एसवीएसयू की कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा, एसडीएम संजीव सिंगला, निदेशक सुजाता शाही, कश्मीरी हिंदू प्रकोष्ठ की ओर से पंकज धर, अमित रैना, अजय पंडिता, अंकुश अंबरदार और सतीश कौल सहित काफ़ी संख्या में कश्मीरी समाज समेत अन्य संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।