रिश्वत मांगने के आरोप में एसआई पर मुकदमा दर्ज
गुरुग्राम में हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सीआईए स्टाफ के एक सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता नियामत ने बताया कि अधिकारियों ने उससे रिश्वत मांगी और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। ऑडियो रिकॉर्डिंग और पेन ड्राइव सबूत बने हैं।

गुरुग्राम। नूंह में हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सीआईए स्टाफ के एक सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ रिश्वतखोरी और उगाही के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब गांव मुंढेता निवासी नियामत ने एसीबी के उच्च अधिकारियों को शिकायत दी कि सीआईए टीम के अधिकारी उससे लगातार रिश्वत की मांग कर रहे हैं और विरोध करने पर उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दे रहे हैं। एसीबी की जांच के दौरान एक अन्य पीड़ित आजाद के बयानों से इस गिरोह की कार्यप्रणाली का सनसनीखेज खुलासा हुआ। आजाद ने बताया कि 31 मई को सीआईए टीम ने उसे उसके घर से जबरन उठाया और सीआईए परिसर नूंह ले गए, जहां उसे छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की गई।
आखिरकार सौदा 2 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें से 1.60 लाख रुपये उसी दिन सब-इंस्पेक्टर मुकेश फोगाट और एक एएसआई औको दिए गए । इसके बाद बकाया 40 हजार रुपये के लिए शिकायतकर्ता नियामत पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले में शिकायतकर्ता द्वारा सौंपी गई ऑडियो रिकॉर्डिंग और पेन ड्राइव सबसे अहम सबूत साबित हुए। रिकॉर्डिंग की ट्रांसक्रिप्ट और जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया कि सब-इंस्पेक्टर मुकेश फोगाट सीधे तौर पर रिश्वत मांगने और डराने-धमकाने में शामिल था। एसीबी पंचकूला से मंजूरी मिलने के बाद आरोपी मुकेश फोगाट के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वर्तमान में एसीबी की जांच टीम अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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