Gurgaon News: टोल प्लाजा बन रहे यातायात जाम का कारण
Gurgaon News: गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा और सिरहोल टोल प्लाजा के अलावा गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित बंधवाड़ी टोल

Gurgaon News: गुरुग्राम, दीपक आहूजा। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा और सिरहोल टोल प्लाजा के अलावा गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित बंधवाड़ी टोल प्लाजा यातायात जाम का कारण बन रहे हैं। सुबह और शाम के समय तो इन टोल प्लाजा को पार करने में आधे से पौने घंटे तक का समय लग जाता है, जिससे वाहन चालकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साल 2016 में घोषणा कर दी थी, लेकिन एनएचएआई और जिला प्रशासन के बीच आपसी तालमेल की कमी और जमीन मिलने में देरी की वजह से इस टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने में देरी हुई। इस टोल प्लाजा को पिछले साल पचगांव में स्थानांतरित करने की योजना बनाई थी, लेकिन ग्रामीणों ने स्थानांतरण कार्य को रूकवा दिया था। इस सिलसिले में 25 गांवों की पंचायत हुई थी। ग्रामीणों के विरोध के बाद इस जगह पर टोल प्लाजा के स्थानांतरण की योजना को रद्द करके तीन महीने पहले कुकडौला गांव में इसे स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई। एनएचएआई मुख्यालय से इस योजना को मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत इसके स्थानांतरण का इस्टीमेट बनाना शुरू कर दिया है। इस टोल प्लाजा के स्थानांतरण में करीब 20 करोड़ की लागत आएगी। खेड़की दौला टोल प्लाजा से करीब 43 हजार वाहनों का आना-जाना है.
तीन महीने में डी-नोटिफाई होगा खेड़की दौला टोल
खेड़की दौला टोल को डी-नोटिफाई करने के लिए एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों ने मुख्यालय में प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। अगले तीन महीने के अंदर यह डी-नोटिफाई हो जाएगा। इसके बाद कुकडौला में प्रस्तावित नए टोल प्लाजा का नोटिफिकेशन जारी होगा.
खेड़की दौला टोल से दो हिस्सों में बंट गया गुरुग्राम
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना के तहत सेक्टर-77 से लेकर सेक्टर-95 तक रिहायशी सोसाइटियां विकसित करने के लिए लाइसेंस जारी कर दिए। अब करीब 200 रिहायशी सोसाइटियां बनकर तैयार हो चुकी हैं। उन्हें गुरुग्राम आने के लिए इस टोल प्लाजा पर शुल्क देना पड़ता है। साथ ही साथ यातायात जाम में फंसना पड़ता है। वहीं, मानेसर के उद्योगपतियों की तरफ से भी इस टोल प्लाजा के स्थानांतरण की मांग को उठाया जा रहा था। दो अक्टूबर, 2019 को इस टोल प्लाजा के विरोध में करीब 50 सोसाइटियों के निवासियों ने दिल्ली-जयपुर हाईवे को जाम कर दिया था। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने 21 नामजद समेत 500 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। यह मुकदमा साल 2022 में रद्द हुआ था.
कुकडौला टोल प्लाजा बूथ लेस होगा
एनएचएआई की तरफ से कुकडौला में नया टोल प्लाजा अगले छह महीने के अंदर बना दिया जाएगा। इस टोल प्लाजा की खासियत यह रहेगी कि यह बूथ लैस होगा। इसमें मानवीय हस्तक्षेप नाममात्र होगा। वाहनों का टोल कैमरों के माध्यम से काटा जाएगा। यह टोल प्लाजा मौजूदा टोल प्लाजा से करीब 12 किमी दूर होगा.
नए टोल प्लाजा पर रेट अधिक होंगे
कुकडौला में स्थानांतरित होने वाले इस नए टोल प्लाजा पर टोल शुल्क अधिक हो सकते हैं। अभी टोल शुल्क तय नहीं किए जा सके हैं। इस टोल शुल्क को इस हाईवे की लंबाई के अलावा फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण में आए खर्च के आधार पर तय किया जाता है। इसको लेकर एनएचएआई ने एक फार्मुला बनाया हुआ है। द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बिजवासन टोल प्लाजा और शाहजहांपुर टोल प्लाजा तक निर्माण में आए खर्च का आकलन करने के बाद शुल्क तय होंगे। मौजूदा समय में करीब 250 करोड़ से बिलासपुर, मानेसर, राठीवास, साल्हावास, धारूहेड़ा में फ्लाईओवर तैयार हो रहे हैं, इसकी लागत को नए टोल शुल्क में जोड़ा जाएगा.
हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर की एक लेन बंद
पिछले साल फरवरी माह में हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर की एक लेन तीन जगह से धंस गई थी। तब से इसकी एक लेन बंद है। केंद्रीय सड़क अनुसंधान केंद्र ने इस फ्लाईओवर की संरचनात्मक जांच करके रिपोर्ट छह महीने पहले एनएचएआई को सौंप दी है। इसमें कई कमियां मिली हैं, लेकिन अब तक इन्हें दुरुस्त नहीं किया जा सका है। एक लेन बंद होने से हादसा होने का खतरा बना रहता है। वहीं, इस हाईवे पर सिरहोल टोल प्लाजा से लेकर धारूहेड़ा तक कई जगह पर हाईवे और बरसाती नालों के बीच बेरीकेटिंग नहीं है। कई जगहों पर बेरीकेटिंग क्षतिग्रस्त है। स्ट्रीट लाइट खराब हैं। इससे रात में सड़क हादसा होने का खतरा रहता है.
निर्माणाधीन फ्लाईओवर से लग रहा यातायाज जाम
एनएचएआई की तरफ से मानेसर, बिलासपुर में फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। वाहनों की निकासी के लिए सिर्फ दोनों तरफ तीन-तीन लेन है। भारी वाहनों के चलने की वजह से शाम के समय में इस फ्लाईओवर के समीप लंबा यातायात जाम लगता है। कई बार तो एक से डेढ़ घंटे तक वाहन चालक यातायात जाम में फंसे रहते हैं। सेक्टर-15 के पार्ट एक निवासी यादवेंद्र यादव ने बताया कि वे रेवाड़ी में नौकरी करते हैं। सप्ताह में एक दिन घर आते हैं। लंबे यातायात जाम से बचने के लिए उन्होंने रास्ता बदल दिया है। वे अब निर्माणाधीन नैशनल हाईवे 352डब्ल्यू से आते-जाते हैं। जहां पर यह हाईवे बन रहे हैं, वहां स्ट्रीट लाइट के बेहतर इंतजाम नहीं हैं.
सिरहोल टोल बना वाहन चालकों के लिए सिरदर्द
इस हाईवे पर एंबीयंस मॉल के समीप सिरहोल में दिल्ली नगर निगम ने पर्यावरण शुल्क को लेकर टोल टैक्स लगाया हुआ है। जयपुर से दिल्ली की तरफ जाने के लिए सुबह और शाम के समय इस टोल टैक्स की वजह से लंबा यातायात जाम लगता है। कई बार तो यह जाम उद्योग विहार तक पहुंच जाता है। इससे वाहन चालकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। पिछले तीन साल से जीएमडीए की तरफ से इस टोल शुल्क को हटाने सड़क एवं परिवहन मंत्रालय में किया जा रहा है। इस सिलसिले में इस मंत्रालय के सचिव वी.उमाशंकर की अध्यक्षता में कई बैठक हुई हैं, लेकिन अब तक नतीजा नहीं निकल सका है.
गुरुग्राम-फरीदाबाद टोल पर लग रहा रोजाना जाम
वहीं, दूसरी तरफ गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर रोजाना सुबह और शाम के समय आधा किमी लंबा यातायात जाम लग जाता है। एक साल पहले तक इस टोल प्लाजा पर यातायात जाम एक से डेढ़ किमी लंबा यातायात जाम लग जाता था। पीडब्ल्यूडी ने फास्ट टैग सिस्टम इस टोल प्लाजा पर लगाया, लेकिन अब भी वाहन चालकों को परेशान होना पड़ रहा है। इस टोल प्लाजा से रोजाना करीब 75 हजार वाहनों का आवागमन है.
क्या कहते हैं वाहन चालक
बल्लभगढ़ के सेक्टर तीन के रहने वाले प्रभात मिश्रा सोहना रोड पर एक एमएनसी कंपनी के ऑफिस में काम करते हैं। उनका कहना है कि शाम को तो फरीदाबाद जाने में बहुत दिक्कत होती है। शाम छह से लेकर रात आठ बजे तक इस टोल को पार करने में आधे से पोना घंटा लग जाता है। इस समस्या का समाधान तलाशने की जरूरत है.
गुरुग्राम की बलदेव नगर कॉलोनी निवासी नवीन कुमार ने बताया कि सिरहोल टोल प्लाजा एक सिरदर्द है। इसकी वजह से उद्योग विहार तक लंबा जाम लग जाता है। कई बार तो बिना टोल शुल्क दिए व्यावसायिक वाहनों को रोकने के लिए टोल कर्मी हाईवे के बीच में खड़े हो जाते हैं, जिसकी वजह से उद्योग विहार तक लंबा यातायात जाम लग जाता है। गुरुग्राम हिस्से में टोल लेन अधिक हैं और दिल्ली हिस्से में टोल लेन कम है, जो भी जाम का एक बड़ा कारण है.
खेड़की दौला टोल प्लाजा के स्थानांतरण की प्रक्रिया को शुरू किया जा चुका है। अगले छह महीने के अंदर इसको कुकडौला गांव में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। खेड़की दौला टोल प्लाजा को डी-नोटिफाई किया जाएगा। नया टोल प्लाजा बूथ लेस होगा। मानवीय हस्तक्षेप कम होगा। - योगेश तिलक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई


