शहर में प्रत्येक दस किलोमीटर पर एक दमकल केंद्र बनेगा
- हर 10 किलोमीटर पर फायर स्टेशन और 101 मीटर ऊंचे हाइड्रोलिक प्लेटफार्म, मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में 59 नए केंद्रों को मंजूरी, फसलों को आग से

गुरुग्राम। आगजनी की बढ़ती घटनाओं और ऊंची इमारतों की सुरक्षा को देखते हुए राज्य सरकार ने फायर सेफ्टी सिस्टम का कायाकल्प करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर प्रदेश भर में 59 नए फायर स्टेशन खोलने को हरी झंडी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गुरुग्राम जिले को सबसे अधिक 10 नए दमकल केंद्र मिलेंगे, जिससे साइबर सिटी की सुरक्षा व्यवस्था कई गुना मजबूत हो जाएगी। विभाग की ओर से तय नियमों और नई मैपिंग के आधार पर अब दमकल केंद्रों का जाल बिछाया जाएगा। लक्ष्य यह है कि शहरी क्षेत्रों में हर 10 वर्ग किलोमीटर और ग्रामीण इलाकों में हर 50 वर्ग किलोमीटर पर एक फायर स्टेशन उपलब्ध हो।
वर्तमान में गुरुग्राम शहर के अंदर केवल 6 दमकल केंद्र मौजूद हैं। 10 नए स्टेशन बनने के बाद रिस्पॉन्स टाइम (आग लगने पर पहुंचने का समय) में भारी कमी आएगी। मुख्यालय की तरफ से नगर निगम को इस संबंध में पत्र लिखकर रिपोर्ट तलब की गई है ताकि जमीन चिन्हांकन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके। 200 करोड़ का बजट और हाई-टेक बेड़ा सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। केवल बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि दमकल के बेड़े को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक वाहनों की खरीद भी की जाएगी। योजना के तहत 101 मीटर ऊंचाई वाली फायर ब्रिगेड की 2 गाड़ियां खरीदी जाएंगी, जो गगनचुंबी इमारतों के लिए जीवन रक्षक साबित होंगी। इसके अलावा, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के 13 वाहन और कुल 250 नई गाड़ियां दमकल बेड़े में शामिल की जाएंगी। जिलों के अनुसार नए स्टेशनों का आवंटन सरकार ने जिलों की जरूरत के हिसाब से स्टेशनों का वितरण किया है। गुरुग्राम को 10, झज्जर को 6, फरीदाबाद को 6 और पानीपत को 5 नए स्टेशन मिले हैं। वहीं पंचकूला में 4, जींद व रोहतक में 3-3 स्टेशन खुलेंगे। अम्बाला, भिवानी, हिसार, रेवाड़ी, नूंह, सिरसा और यमुनानगर में 2-2 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। दादरी, फतेहाबाद, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पलवल, कैथल और महेंद्रगढ़ को 1-1 नया फायर स्टेशन आवंटित किया गया है। फसलों की सुरक्षा और औद्योगिक लाभ यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हर साल फसल कटाई के मौसम में दो हजार एकड़ से अधिक फसल आग की भेंट चढ़ जाती है। हर 50 किमी पर स्टेशन होने से दमकल की गाड़ियां खेतों तक समय पर पहुंच सकेंगी। इसके साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों और ऊंची इमारतों में रिस्पॉन्स टाइम कम होने से नुकसान की आशंका न्यूनतम हो जाएगी। दमकल केंद्रों की संख्या और स्थिति वर्तमान में गुरुग्राम जिले में कुल 7 प्रमुख दमकल केंद्र सक्रिय हैं, लेकिन तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण इन्हें अपर्याप्त माना जा रहा है। सेक्टर-29, भीमनगर, उद्योग विहार और सेक्टर-37 मौजूद हैं। इसके अलावा मानेसर, पटौदी और सोहना में मौजूद है। वहीं डीएलएफ (DLF) द्वारा साइबर सिटी और डीएलएफ फेज-5 में दो निजी दमकल केंद्र भी संचालित किए जाते हैं, जो आपात स्थिति में सरकारी विभाग की मदद करते हैं। दमकल वाहनों की संख्या और बेड़े की स्थिति गुरुग्राम फायर विभाग के पास वर्तमान में लगभग 53 दमकल वाहन मौजूद हैं। बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए लगातार नई गाड़ियां शामिल की जा रही हैं। वर्तमान में केवल एक 42 मीटर ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म है, जो केवल 14 मंजिला इमारतों तक पहुंच सकता है। हाई-राइज बिल्डिंगों की सुरक्षा के लिए 104 मीटर ऊंचे 2 नए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मुख्यालय की तरफ से शहर में दस नए दमकल केंद्र चिन्हित करने के निर्देश है। इसको लेकर जल्द जगह चिन्हित करने की कार्रवाई की जाएगी। - गुलशन कालरा, उपनिदेशक, तकनिकी, गुरुग्राम।
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