मानेसर तहसील में रजिस्ट्री के साथ संपत्ति का म्युटेशन भी शुरू
गुरुग्राम में मानेसर तहसील में संपत्ति का म्युटेशन रजिस्ट्री के साथ शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया ऑटोमोड में चल रही है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं। राजस्व विभाग ने सुधारों का वादा किया है ताकि म्युटेशन में कोई देरी न हो।

गुरुग्राम, अमर मौर्य । मानेसर तहसील में रजिस्ट्री के साथ संपत्ति का म्युटेशन (इंतकाल )भी शुरू हो गया है। गुरुग्राम में सबसे पहले मानेसर तहसील में प्रक्रिया शुरू हुई है। ऑटोमोड में रजिस्ट्री होते ही प्रॉपर्टी का इंतकाल भी होने लगे हैँ। इसमें तकनीकी खामियां आने से काम करने में दिक्कत आ रही हैं। जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तैयार पर सबसे पहले मानेसर तहसील में शुरू किया गया है। तहसील में दोनों काम के ऑटोमोड में कई तकनीकी खामियां आई। इसमें शब्दों की गलतियों को सुधार करने समेत अन्य कामों में दिक्कत हो रही है। जिसे विभाग के आईटी मैनेजर को तकनीकी खामियों की जानकारी दी गई। इसके दूर होने के बाद मानेसर तहसील में रजिस्ट्री के साथ प्रॉपर्टी का म्युटेशन भी एक साथ होने शुरू हो जाएंगे। मानेसर के बाद गुरुग्राम के बाकी तहसीलों में यह ऑटोमोड शुरू होगा。
तहसीलों में लंबित नहीं रहेंगे म्युटेशन:
राजस्व विभाग में रजिस्ट्री व म्युटेशन व्यवस्था में बड़ा सुधार किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति निर्धारित फीस जमा करवाकर रजिस्ट्री के साथ म्युटेशन ले सकेगा। कोई भी इंतकाल महीने के अंत तक बकाया नहीं रहेगा। इससे एक प्रॉपर्टी को एक से अधिक व्यक्तियों को बेचने की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। जिले की तहसीलों में रोजाना 500 से अधिक रजिस्ट्री होती है। बीस हजार से अधिक प्रॉपर्टी के म्युटेशन लंबित है।
म्युटेशन के लिए पटवार भवन नहीं जाने पड़ेंगे:
अभी तक लोगों को मकान, प्लॉट, जमीन व दुकान की रजिस्ट्री कराने के बाद म्युटेशन के लिए पटवार भवन में जाना पड़ता है। जमीन की रजिस्ट्री करवाने के बाद म्युटेशन करवाना होता है। इसके लिए लोगों को पटवारियों के चक्कर काटने पड़ते है। चक्कर के साथ उन्हें अपनी जेब भी ढिली करनी पड़ती थी।
म्युटेशन होने से दूसरी की जमीन नहीं बेच सकेंगे:
तहसीलों में ऑटोमोड में रजिस्ट्री होते ही प्रॉपर्टी का म्युटेशन होने से लोगो को पटवारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लोग ऑनलाइन रजिस्ट्री करवाने के साथ अब 300 रुपये फीस जमा करवाकर म्युटेशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। तहसील कार्यालय से इंतकाल की कॉपी भी ली जा सकेगी। लोग रजिस्ट्री के बाद म्युटेशन करा सकेंगे। ऐसे में लोग रजिस्ट्री कराने के बाद भी जमीन को दूसरे लोगों को बेच देते थे। अब तुरंत इंतकाल होने से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग जाएगा और धोखाधड़ी से भी बच सकेंगे।
क्या होता है म्युटेशन:
राजस्व विभाग के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री के बाद रिकार्ड में खरीदार का नाम दर्ज करना ही म्युटेशन होता है। म्युटेशन के बाद संबंधित जमीन को पहले वाला मालिक दूसरे को नहीं बेच सकता है। जब रजिस्ट्री होती है तो तहसील में जमीन किसके और के नाम होती है। जब तक म्युटेशन नहीं होगा, तब तक जमीन बेचने वाले के ही नाम रहेगी। म्युटेशन पटवारी कंप्यूटर में दर्ज होगा।
मानेसर तहसील में रजिस्ट्री होते ही प्रॉपर्टी का म्युटेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुछ तकनीकी खामियां आ रही है। इसमें शब्दों की गलतियों में सुधार करने में दिक्कत आ रही है। विभाग के आईटी जीएम को जानकारी देकर खामियां दूर कराई जा रही हैं। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद जिले के बाकी तहसीलों में शुरू होगा।
- राजेश सैनी तहसीलदार मानेसर
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