निजी खेल अकादमियों का संचालन शुरू नहीं
गुरुग्राम में खेल नर्सरियों का नया सत्र शुरू हुए दो महीने हो चुके हैं, लेकिन निजी खेल अकादमियों को संचालन की अनुमति नहीं मिली है। इससे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों में निराशा है। इस सत्र के लिए 59 नर्सरियों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 37 नई हैं। अभिभावक भी बच्चों के खेल प्रशिक्षण को लेकर असमंजस में हैं।

गुरुग्राम,साक्षी रावत। जिले में खेल नर्सरियों के नए सत्र की शुरुआत हुए दो माह बीत चुके हैं, लेकिन निजी खेल अकादमियों को अब तक संचालन की अनुमति नहीं मिल पाई है। इससे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों में निराशा बढ़ रही है। निजी संस्थानों का कहना है कि समय पर मंजूरी नहीं मिलने से अभ्यास और प्रशिक्षण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। जिले में इस सत्र के लिए कुल 59 खेल नर्सरियों को मंजूरी दी गई है। इनमें 37 नई नर्सरियां शामिल हैं। अधिकांश नर्सरियां सरकारी स्कूलों, पंचायत समितियों और सरकारी मैदानों में शुरू की गई हैं। वहीं निजी खेल संस्थानों और अकादमियों की ओर से डेढ़ सौ से अधिक आवेदन भेजे गए थे, लेकिन अब तक किसी भी निजी अकादमी को संचालन की अनुमति नहीं मिली है।
खेल सत्र की स्थिति
खेल सत्र दस माह का होता है और इसमें से करीब दो माह गुजर चुके हैं। ऐसे में निजी अकादमियां अब भी सूची जारी होने का इंतजार कर रही हैं। अकादमी संचालकों का कहना है कि यदि जल्द मंजूरी नहीं मिली तो खिलाड़ियों की तैयारी और नियमित प्रशिक्षण प्रभावित होगा। कई खिलाड़ी पहले से इन अकादमियों में अभ्यास करते रहे हैं और अब नए सत्र में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। प्रशिक्षकों का कहना है कि निजी अकादमियों में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और नियमित अभ्यास का माहौल मिलता है। ऐसे में चयन प्रक्रिया लंबी खिंचने से खिलाड़ियों का समय खराब हो रहा है। दूसरी ओर अभिभावक भी बच्चों के खेल प्रशिक्षण को लेकर असमंजस में हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला खेल अधिकारी आरती सोलंकी ने बताया कि विभाग की ओर से चरणबद्ध तरीके से खेल नर्सरियों को मंजूरी दी जा रही है। सरकारी संस्थानों में प्रक्रिया पहले पूरी होने के कारण वहां नर्सरियां शुरू कर दी गई हैं। निजी संस्थानों से जुड़े मामलों पर विभागीय स्तर पर अभी कोई सूची जारी नहीं हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


