स्कूलों में प्रत्येक छात्र की निपुणता के स्तर की जांच होगी
-स्कूलों में कक्षा दो-तीन के छात्रों की पढ़ाई स्तर को चेक करेंगे -शिक्षा विभाग जांचने का काम टीजीटी-पीजीटी शिक्षक को सौंपा -छात्र दूसरी कक्षा में पहुं

गुरुग्राम। जिले के राजकीय प्राथमिक स्कूलों में प्रत्येक छात्र की निपुणता के स्तर की जांच होगी। शिक्षा विभाग इसकी जांच का काम टीजीटी-पीजीटी शिक्षक को सौंपा है। शिक्षकों की ओर से प्राइमरी स्कूलों में 15-16 सितंबर को आकलन कार्य होगा। जिससे हर छात्र का व्यक्तिगत स्तर जांच कर फिर उसी आधार पर अलग-अलग समूह बने। मीडियम और हाई में बांटकर पढ़ाई में सुधार करना है। आकलन पांच से दस मिनट में होगा: शिक्षा विभाग की ओर से पारदर्शिता सुनिश्चित करने के आकलन ऑनलाइन माध्यम से निपुण हरियाणा टीचर ऐप के जरिए करवाने का फैसला लिया गया है। प्रत्येक छात्र का व्यक्तिगत आकलन लगभग पांच से दस मिनट में किया जाएगा।
छात्रों का स्तर को सीधा ऐप पर दर्ज करेंगे। टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों को स्कूल नाम बोर्ड समेत सेल्फी अपलोड करनी होगी। जिसमें स्कूल कोड स्पष्ट दिखाई दे। इसे परीक्षा नहीं, बल्कि डायग्नोस्टिक एक्सरसाइज का नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य केवल छात्रों की वास्तविक स्तर पर की जांच करना है कि छात्र कितनी आसानी से पढ़ सकते है या गणितीय क्रियाएं कर सकते है। पहले दिन यानी 15 सितबंर को भाषा आकलन कराया जाएगा। कमजोर छात्र के लिए शिक्षकों को सहयोग देंगे: जिला एफएलएन कोआर्डिनेटर के अनुसार इसमें भाषा आकलन के लिए हिन्दी, संस्कृत और उर्दू विषय के शिक्षक और गणित आकलन के लिए गणित, विज्ञान, अर्थशास्त्र और वाणिज्य विषय के शिक्षक जिम्मेदारी निभाएंगे। इसका लेकर पहले सभी शिक्षकों को दो घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आकलन पूरा होने के बाद ऐप के माध्यम से कक्षा शिक्षक रिपोर्ट देखकर उसे प्रमाणित करेंगे। छात्रों के अधिगम लक्ष्य तय करेंगे। इसके बाद एबीआरसी और बीआरपी रिपोर्ट का सत्यापन करेंगे और कमजोर छात्र के लिए शिक्षकों को सहयोग देंगे। स्कूलों में दो चरणों में आकलन किया जाएगा मोहम्मदपुर राजकीय प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक अशोक प्रजापति ने कहा कि गुरुग्राम के 367 राजकीय प्राथमिक स्कूलों की कक्षा दो और तीन के बच्चों का पढ़ाई स्तर (लिटरेसी और न्यूमेरेसी) जांच करने की जिम्मेदारी टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) और पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) को सौंपा गया है। यह आकलन जनगणना आधारित समूह अभ्यास के तहत करवाया जाना है। स्कूलों में अकसर देख जाता है कि छात्र जिस कक्षा में पढ़ रहा है। उसी स्तर पर वह पढ़ाई भी कर रहा होगा। लेकिन हकीकत अलग होती है। कई छात्र दूसरी कक्षा में पहुंचकर भी शब्द पहचानने या जोड़ घटाव करने में कठिनाई महसूस करते हैं। अब प्रत्येक छात्र की निपुणता के स्तर की जांच की जाएगी। प्राइमरी स्कूलों में 15 और 16 सितंबर को दो चरणों में आकलन किया जाएगा।
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