Gurgaon News: सफाई कर्मचारियों ने मुंडन कराकर विरोध जताया
Gurgaon News: गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के 31वें दिन भारी बारिश में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। 26 कर्मचारियों ने सामूहिक मुंडन कराया और मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास के बाहर नारेबाजी की। आरोप है कि सफाई व्यवस्था बदहाल है, जबकि निजी एजेंसियों को लाखों रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

Gurgaon News: गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के 31वें दिन भारी बारिश के बीच पुराना नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वादाखिलाफी, उपेक्षा और निलंबन के विरोध में गुरुग्राम, मानेसर, सोहना, पटौदी-हेली मंडी और फरुखनगर के 26 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मुंडन कराया। इसके बाद जोरदार प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास पर पहुंचे और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि एक तरफ शहर गंदगी से बेहाल है और दूसरी तरफ निजी एजेंसियों को भुगतान करके सफाई के नाम पर बड़ा गोलमाल किया जा रहा है। शहर में पिछले एक महीने से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और बारिश के बाद स्थिति बद से बदतर हो गई है। सड़कों पर जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर पानी में भीगने के कारण भीषण दुर्गंध छोड़ रहे हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। सदर बाजार जैसे मुख्य व्यापारिक केंद्रों में कचरे के विशाल ढेर लगे हैं। निगम द्वारा लगाई गई 11 निजी एजेंसियां भी कचरा उठाने में नाकाम साबित हो रही हैं, जबकि बीते एक माह में ही निगम इन एजेंसियों को लाखों रुपये का भुगतान कर चुका है.
11 निजी एजेंसियां फेल, कचरे से अटा सदर बाजार
निगम की ओर से शहर में सफाई और कचरा उठाने के लिए 11 निजी एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बावजूद शहर के मुख्य बाजार और कॉलोनियां कूड़ेदान में तब्दील हो चुकी हैं। सदर बाजार के मुख्य मार्गों पर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। बारिश के पानी में कचरा सड़ने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि बीते एक माह के भीतर ही इन एजेंसियों को लाखों रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया, लेकिन धरातल पर काम पूरी तरह शून्य नजर आ रहा है.
26 कर्मचारियों ने कराया मुंडन, मंत्री आवास का घेराव
नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर हड़ताल के 31वें दिन 26 सफाई कर्मचारियों ने सामूहिक मुंडन करवाकर सरकार की बेरुखी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। मुंडन के बाद कर्मचारियों ने रोष मार्च निकाला और बादशाहपुर विधायक व कैबिनेट मंत्री राव नरबीर के सिविल लाइन स्थित आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेताया कि जब तक बर्खास्तगी और निलंबन के आदेश वापस नहीं लिए जाते और पुरानी मांगों पर लिखित पत्र जारी नहीं होता, आंदोलन थमेगा नहीं.
मंत्रियों के दावों को बताया झूठी बयानबाजी
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय मंत्री और अन्य सरकारी प्रतिनिधि मीडिया में 12 से 14 मांगें मान लेने के भ्रामक बयान दे रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई आधिकारिक पत्र या अधिसूचना जारी नहीं की गई है। नेताओं ने कहा कि सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस देकर डराने की कोशिश की जा रही है। हड़ताल की अध्यक्षता इकाई के वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर के जिला उप प्रधान जोगिंदर ने की, जबकि संचालन सचिव धर्मेंद्र जिंघाला और कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा ने किया। बसन्त कुमार, राजेश कुमार और सुनील कुमार ने कहा कि सरकार बातचीत से हल निकालने के बजाय पुलिसिया कार्रवाई और दमनकारी नीतियों पर उतर आई है.


