ताजा कूड़े के निस्तारण के लिए नहीं मिल रही एजेंसी, तीसरी बार फिर जारी हुआ टेंडर

हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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- छह महीने से कछुआ गति से चल रही प्रक्रिया, बंधवाड़ी प्लांट पर बढ़ा बोझ, चार लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरा हुआ जमा

ताजा कूड़े के निस्तारण के लिए नहीं मिल रही एजेंसी, तीसरी बार फिर जारी हुआ टेंडर

गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर से रोजाना निकलने वाले ताजा कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। पिछले छह महीने से लगातार टेंडर प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी स्थाई एजेंसी का चयन नहीं हो सका है। नतीजतन, निगम को अब तीसरी बार नए सिरे से टेंडर जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एजेंसी नहीं मिलने के कारण शहर का सारा ताजा कचरा बंधवाड़ी प्लांट में डंप किया जा रहा है। पिछले छह महीनों के भीतर ही बंधवाड़ी में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त कूड़ा एकत्रित हो चुका है, जिसने एनजीटी के नियमों और स्थानीय पर्यावरण के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के बाद भी निगम अधिकारी अब तक ताजा कूड़े को अलग से डालने और निस्तारण करने के लिए कोई वैकल्पिक जमीन तलाशने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।

तकनीकी खामियों की भेंट चढ़े पिछले दो टेंडर

ताजा कूड़े के निस्तारण के लिए नगर निगम ने पहली बार जनवरी माह में टेंडर जारी किया था। उस समय निगम के इंजीनियरिंग विंग ने इस पूरी परियोजना के लिए 28 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया था। हालांकि, बाद में उच्चाधिकारियों ने इसे पुराने रेटों का हवाला देकर रद्द कर दिया। इसके बाद, बाजार की नई दरों के हिसाब से बजट को बढ़ाकर करीब 40 करोड़ रुपये किया गया और मई माह में दूसरी बार टेंडर आमंत्रित किए गए। इस दूसरे टेंडर को नौ जून को खोला गया था। उम्मीद थी कि इस बार काम शुरू हो जाएगा, लेकिन तकनीकी मूल्यांकन (टेक्निकल इवैल्यूएशन) के दौरान पता चला कि दौड़ में शामिल दोनों एजेंसियां निगम के नियमों और शर्तों को पूरा नहीं कर पा रही हैं। दोनों एजेंसियों के अपात्र घोषित होने के बाद निगम के पास टेंडर रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। अब तीसरी बार टेंडर लगाकर नई कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं।

बंधवाड़ी में हालात हो रहे बेकाबू

शहर में प्रतिदिन निकलने वाले सैकड़ों टन कचरे का अगर स्रोत पर पहले निस्तारण नहीं किया गया, तो आने वाले मानसून में स्थिति और भयावह हो सकती है। कचरा प्रबंधन विशेषज्ञों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में हो रही इस प्रशासनिक देरी का खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ रहा है। जब तक तीसरी बार लगाए गए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी और ग्राउंड पर काम शुरू होगा, तब तक करीब दो से तीन महीने का समय और लग जाएगा। तब तक बंधवाड़ी पर कचरे का बोझ और अधिक बढ़ चुका होगा।

टेंडर में दो एजेंसी आई थी, लेकिन दोनों ही एजेंसी आयोग्य मिली है। अब दोबारा से टेंडर लगाकर आवेदन मांगे हैं।

- सुंदर श्योराण, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुग्राम नगर निगम ने कूड़े के निस्तारण के लिए टेंडर कब जारी किया था?
नगर निगम ने पहली बार जनवरी माह में टेंडर जारी किया था।
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