अनियमित औद्योगिक क्षेत्रों को नियमित कराने का एक और मौका
गुरुग्राम में चार अनियमित औद्योगिक क्षेत्रों को नियमित करने का अवसर मिला है। राज्य सरकार ने न्यूनतम 10 एकड़ में 50 उद्यमियों के व्यवसाय के लिए एनओसी और भूमि उपयोग परिवर्तन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इससे एक हजार उद्यमियों को राहत मिलेगी। नियमों में संशोधन से उद्योगों को गति मिलेगी।

गुरुग्राम, अमर मौर्य। जिले के चार अनियमित औद्योगिक क्षेत्रों को अब नियमित कराने का एक और मौका दिया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से अब उन क्लस्टर में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जहां न्यूनतम 10 एकड़ क्षेत्र में कम से कम 50 उद्यमी कारोबार कर रहे हैं। इस फैसले से गुरुग्राम के एक हजार उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी है। जो लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्र नियमित कराने की मांग कर रहे थे। 16 प्रोत्साहन योजनाओं के लिए नियमों में संशोधन:उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की ओर से हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति में अधिसूचित 16 प्रोत्साहन योजनाओं के लिए नियमों में संशोधन किया है।
इनमें प्रौद्योगिकी अधिग्रहण सहायता, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए एमएसएमई एक्सचेंज इक्विटी योजना, परीक्षण उपकरण सहायता, बाजार विकास सहायता, पेटेंट पंजीकरण, ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, गुणवत्ता प्रमाणन सहायता और नेट एसजीएसटी के बदले निवेश सब्सिडी योजना शामिल हैं।25 रुपये प्रति वर्ग मीटर की स्क्रूटनी फीस लगेगी:वर्ष 2025-26 के पेश किए गए बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों को नियमित करने की घोषणा की थी। अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्रो को सभी संबंधित विभागों द्वारा तब तक वैध कालोनियां मानकर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जब तक उन पर उद्यमियों के आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता। उद्यमियों को सामूहिक रूप से पोर्टल पर औद्योगिक अनियमित क्षत्र को नियमित करने के लिए आवेदन करना होगा। पोर्टल पर अस्थाई छूट या नियमितीकरण प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करते समय हर आवेदन पत्र पर 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर की स्क्रूटनी फीस लगेगी।जिले में एक हजार उद्योगों को लाभ होगा:जिले के चार अनियमित औद्योगिक क्षेत्रों में एक हजार उद्योग है। जो नियमित करने की लगातार मांग कर रही हैं। इसमें कादीपुर में 400, दौलताबाद में 250, बसई में 250 और बहरामपुर में सौ से अधिक उद्योग हैं। कादीपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन अध्यक्ष श्रीपाल शर्मा ने बताया कि सरकार ने पहले अनियमित औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक पोर्टल तैयार किया था। लेकिन उसमें काफी मुश्किलें थी। उस पर आवेदन करना आसान नहीं था। इस समस्या को दोबारा से पोर्टल लांच किया गया है। जिस पर आवेदन करना आसान हो गया है। अगर गुरुग्राम की छोटे-छोटे हजारों इंडस्ट्रिज को फायदा होगा। यह फैसला पूरे प्रदेश के लिए है। यह मांग औद्योगिक संगठनो की तरफ से लंबे समय से चली आ रही थी। जो सरकार ने अब पूरी की है।नियमों में संशोधन से उद्योगों को गति मिलेगी:दौलताबाद रोड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन जिंदल ने कहा कि अनियमित औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए नियमों में किए गए संशोधन से फायदा मिलेगा। अभी तक नियमित करने के नियम पर औद्योगिक संगठन खरा नहीं उतर पा रहे थे। अब नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से एनओसी-सीएलयू समाप्त की है। इससे उद्योगों को बैंकों से ऋण मिल सकेंगे, बुनियादी सुविधाएं हो सकेंगी। संशोधन से उद्योगों को अब गति मिलेगी। अभी तक अनियमित औद्योगिक क्षेत्र को नियमित करने की मांग कर रहे थे।
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