आफत : डेढ़ दशक बाद की सबसे गर्म रात ने लोगों की बेचैनी बढ़ाई
गुरुग्राम में गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। सोमवार रात को पिछले 15 वर्षों में सबसे गर्म रात रही, जिसमें न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बिजली कटौती और स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

गुरुग्राम। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में गर्मी ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। अब रातें भी भट्टी की तरह तप रही हैं। सोमवार की रात पिछले 15 वर्षों में सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज की गई। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है। आमतौर पर अप्रैल के महीने में रातें थोड़ी राहत भरी होती हैं, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है। सोमवार रात को न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने साल 2011 के बाद के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। रविवार के मुकाबले न्यूनतम तापमान में अचानक चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह न्यूनतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया। अगर पिछले सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 28 अप्रैल को साल 2011 से 2015 के बीच न्यूनतम तापमान 21 से 25 डिग्री के बीच रहता था। इससे पहले साल 2018 में यह 28.4 डिग्री पहुंचा था, लेकिन इस बार इसने उसे भी पार कर लिया है।मंगलवार इस मौसम का सबसे गर्म दिनसिर्फ रात ही नहीं मंगलवार को दिन की गर्मी ने भी पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मंगलवार इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल को साल 2025 में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस, साल 2024 में 38.2 डिग्री सेल्सियस और 2023 में 34.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। साल 2022 में 43.51 डिग्री सेल्सियस रिेकॉर्ड किया गया।गर्मी से जनजीवन बेहालभीषण गर्मी और बढ़ते पारे के कारण सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहता है। ठंडे पेय पदार्थों और एयर कंडीशन चलने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में यह अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। भीषण गर्मी की मार झेल रहे गुरुग्राम वासियों की मुश्किलें बीती रात आई तेज आंधी ने और बढ़ा दीं। रात के समय आए मौसम के इस बदलाव के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे हजारों परिवारों को घंटों अंधेरे और भीषण उमस में गुजारने पड़े।कई सेक्टरों में गुल रही बिजलीसोमवा देर रात आई तेज आंधी के कारण बिजली निगम की लाइनों में तकनीकी खामियां आ गईं। कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर तारों पर गिर गईं, जिससे सुरक्षा के लिहाज से बिजली काट दी गई। शहर के सेक्टर 15, 31, 47, 56, सुशांत लोक,सिविल लाइंस और पालम विहार जैसे व्यस्त इलाकों में तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रही। रात के समय बिजली न होने से इनवर्टर भी जवाब दे गए।सोशल मीडिया पर निकला गुस्साबिजली कटौती से परेशान लोग आधी रात को ही बिजली निगम के कंट्रोल रूम और संबंधित अधिकारियों को फोन मिलाते रहे, लेकिन अधिकांश जगहों पर या तो फोन नहीं उठे या फिर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उपभोक्ताओं का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूटा। एक्स और फेसबुक पर लोगों ने अधिकारियों को टैग करते हुए अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि आंधी के कारण कई फीडरों में फॉल्ट आ गया था। रात को ही टीमों को फील्ड में उतार दिया गया था, लेकिन अंधेरा और तेज हवा होने के कारण मरम्मत कार्य में थोड़ा समय लगा।स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देशहरियाणा में संभावित हीट वेव को देखते हुए राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि सभी जिलों को अस्पतालों में दवाओं, ओआरएस और आईवी फ्लूड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों के लिए अस्पतालों में समर्पित हीटस्ट्रोक यूनिट बनाई जा रही है। पहले ठंडा करो, फिर परिवहन करो की रणनीति अपनाई जा रही है। लोगों से दोपहर 12 से तीन बजे के बीच बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और ढीले सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है।
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