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यमुना को प्रदूषित कर रहे मिलेनियम सिटी के तीन बरसाती नाले

यमुना को प्रदूषित कर रहे मिलेनियम सिटी के तीन बरसाती नाले

संक्षेप:

गुरुग्राम के तीन बरसाती नाले यमुना को प्रदूषित कर रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में पता चला कि सीवर और औद्योगिक पानी नालों के माध्यम से यमुना में जा रहा है। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि गंदे पानी को सीवर शोधन संयंत्र में भेजा जाए और अवैध उद्योगों पर कार्रवाई की जाए।

Nov 27, 2025 09:16 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। यमुना को मिलेनियम सिटी के तीन बरसाती नाले प्रदूषित कर रहे हैं। इन बरसाती नालों के माध्यम से सीवर और उद्योगों से निकल रहा केमिकलयुक्त पानी जा रहा है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की जांच में यह सामने आ चुका है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में बैठक के बाद जीएमडीए, नगर निगम, एचएसआईआईडीसी, प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। गत 16 अक्टूबर को हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने यमुना प्रदूषण को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि हरियाणा के सात जिलों से निकल रहे 11 बरसाती नाले यमुना को प्रदूषित कर रहे हैं।

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इसमें गुरुग्राम के तीन बरसाती नाले शामिल हैं। मुख्य सचिव ने आदेश जारी किए थे कि सीवर के गंदे पानी को सीवर शोधन संयंत्र में भेजा जाए और उद्योगों से निकल रहे पानी को शोधित करने के लिए सीईटीपी लगाएं। अवैध रूप से चल रही औद्योगिक इकाईयों पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए। बरसाती नालों में हुए सीवर कनेक्शन को काटा जाए। इस बैठक के बाद हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। गुरुग्राम नगर निगम को बरसाती नाला नंबर एक के माध्यम से गंदा पानी यमुना में नहीं जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि जीएमडीए को बरसाती नाला नंबर दो और बादशाहपुर नाले का सर्वे करवाना है। सभी विभागों के अधिकारियों से जानकारी मांगी है कि उनके क्षेत्र में कितने सीवर शोधन संयंत्र का निर्माण मौजूदा समय में चल रहा है और कितनी क्षमता के प्रस्तावित हैं। यमुना को प्रदूषित होने से रोकने के लिए बरसाती नालों का सर्वे करवाएं। जहां से गंदा या औद्योगिक पानी इसमें छोड़ा जा रहा है, उन्हें काटा जाए। सीवर शोधन संयंत्र के संचालन में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए। हर महीने इस सिलसिले में रिपोर्ट भेजी जाए। जिला उपायुक्त को निर्देश जारी हुए हैं कि वे औद्योगिक क्षेत्रों की एसोसिएशन के साथ बैठक करें। उन्हें बताएं कि गंदे पानी को बरसाती नाले में नहीं छोड़ा जाए। यदि कोई औद्योगिक इकाई फिर भी पकड़ी जाती है तो भारी जुर्माना लगाकर उसे बंद करवाया जाए। बरसाती नालों से प्रदूषण विभाग हर महीने नमूने लेकर जांच करेगा। जांच रिपोर्ट को मुख्य सचिव को भेजा जाएगा। 100 एमएलडी गंदा पानी जा रहा यमुना में जीएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 100 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) गंदा पानी यमुना में बिना शोधित हुए जा रहा है। कई कॉलोनियों, गांवों और सेक्टर का सीवर कनेक्शन सीधा बरसाती नाले में जोड़ा हुआ है। गुरुग्राम नगर निगम को इस पानी को सीवर लाइन में डाइवर्ट करने का आग्रह किया जा चुका है।