मानेसर में अब ड्रोन रखेगा कचरे पर नजर
गुरुग्राम के मानेसर ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है। इस योजना में ड्रोन के माध्यम से कचरे की निगरानी, इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार, और सड़कों की मरम्मत शामिल है। 50 एकड़ भूमि पर पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाई जा रही है, जिससे भविष्य में मानेसर को प्रदूषण मुक्त किया जा सके।

गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। सर्दी के मौसम में पूरे एनसीआर में प्रदूषण के मामले में तीसरे नंबर पर रहने के बाद अब औद्योगिक नगरी मानेसर ने अपनी हवा को शुद्ध करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम मानेसर ने एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसके तहत वायु गुणवत्ता सुधारने, वाहन प्रदूषण कम करने और कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि अब शहर में खुले में कचरा फेंकने वालों पर ड्रोन के जरिए नजर रखी जाएगी। नगर निगम ने शहर के विभिन्न इलाकों में फैले कचरे के ढेर और डंपिंग पॉइंट्स की पहचान के लिए ड्रोन सर्वे का सहारा लिया है।
इसकी रिपोर्ट के आधार पर कचरे का निस्तारण किया जाएगा। निर्माण एवं ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबे के वैज्ञानिक निपटान के लिए नगर निगम मानेसर ने एचएसआइआइडीसी और होंडा कंपनी के साथ समझौता किया है। इसके तहत मार्च 2027 तक मानेसर का अपना मलबा निस्तारण प्लांट शुरू हो जाएगा। वर्तमान में निगम बसई स्थित प्लांट के सहयोग से 96 प्रतिशत मलबे का वैज्ञानिक निपटान कर रहा है, लेकिन खुद का प्लांट लगने से इस प्रक्रिया में और तेजी आएगी। मानेसर निगम की तरफ से सौ टीपीडी क्षमता का प्लांट स्थापित किया जाएगा। ईवी स्टेशनों का बिछेगा जाल एक्शन प्लान के तहत प्रदूषण के मुख्य स्रोतों, विशेषकर वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। शहर बस सेवा के विस्तार का प्रस्ताव है ताकि लोग निजी वाहनों का उपयोग कम करें। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पूरे मानेसर क्षेत्र में ईवी चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। ट्रैफिक जाम से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट और उचित मूल्य निर्धारण की व्यवस्था लागू होगी। छह महीने में गड्ढे मुक्त होंगी सड़कें सड़कों से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए नगर निगम ने रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम और सड़कों की जीआईएस मैपिंग का सहारा लिया है। अगले छह महीनों के भीतर शहर की सभी प्रमुख सड़कों के गड्ढे भरने के लिए एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। धूल को दबाने के लिए एंटी-स्मॉग गन का एक विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है, जो नियमित रूप से पानी का छिड़काव करेंगी। हालांकि बड़े आकार की मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों को अभी मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन वैकल्पिक तौर पर छोटे स्तर की मशीनों से सफाई जारी है। कासन में तैयार हुआ 50 एकड़ का ग्रीन फेफड़ा प्रदूषण को सोखने और हरियाली बढ़ाने के लिए निगम ने गांव कासन में अपनी 50 एकड़ भूमि पर सीएसआर के तहत सघन पौधरोपण किया है। सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच यहां 2,000 पेड़ और 28,000 झाड़ियां लगाई जा चुकी हैं। यह क्षेत्र भविष्य में मानेसर के लिए ग्रीन लंग्स यानी हरे-भरे फेफड़ों का काम करेगा, जो हवा को फिल्टर कर ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाएगा। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के आधार पर तैयार यह चरणबद्ध कार्ययोजना यदि समय पर लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में मानेसर एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर निकल सकेगा। मानेसर निगम क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है, जिसके तहत निगम ने काम शुरू कर दिए हैं। सीएंडडी प्लांट लगाने के लिए एचएसआइआइडीसी और होंडा कंपनी के साथ समझौता किया है। - निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम।
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