Hindi NewsNcr NewsGurgaon NewsGurugram s Dangerous Excavations Lack of Safety Measures Risks Accidents
सड़कों पर गड्ढे खोदकर छोड़ने से हादसे का खतरा

सड़कों पर गड्ढे खोदकर छोड़ने से हादसे का खतरा

संक्षेप:

गुरुग्राम में बरसाती नालों और सीवर लाइनों के निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों की बेरीकेडिंग नहीं की गई है। इससे सड़क पर चलने वालों के लिए खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई क्षेत्रों में गड्ढे खुले पड़े हैं, जो हादसों का कारण बन सकते हैं।

Feb 09, 2026 11:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
share Share
Follow Us on

गुरुग्राम। गुरुग्राम में कभी भी दिल्ली, नोएडा या फरीदाबाद जैसा हादसा घटित हो सकता है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए), नगर निगम और एनएचएआई ने पानी, सीवर और बरसाती नाले के निर्माण को लेकर गड्ढे तो खोद दिए हैं, लेकिन इनकी बेरीकेडिंग नहीं की गई है। इनकी वजह से कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। सोमवार को हिन्दुस्तान टीम ने अधिकारियों की तरफ से बरती जा रही लापरवाही की पड़ताल की। सेक्टर-10ए में महाराजा प्रजापति दक्ष द्वार के समीप बरसाती नाला खोदकर अधर में छोड़ दिया है। सड़क किनारे होने के कारण यदि इसमें कोई बच्चा या वाहन चालक गिरता है तो बड़ा हादसा घटित हो सकता है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इस तरह सेक्टर-27 और 28 और सेक्टर-28 और 43 को विभाजित कर रही मुख्य सड़क पर बरसाती नाला निर्माण में अनियमितताएं देखने को मिली हैं। बरसाती नाले की खुदाई का कार्य बेरीकेडिंग किए बिना किया जा रहा है। करीब छह से सात फीट गहरी खुदाई की जा रही है, जोकि अधिकारियों की अनदेखी की वजह से जानलेवा बन सकती है। इन दोनों सड़कों पर रोजाना करीब 70 से 80 वाहन निकलते हैं। इस तरह सेक्टर-68 से लेकर 75 तक मुख्य सीवर लाइन और बरसाती नाला डालने को लेकर खुदाई की जा रही है। बेरीकेडिंग नहीं होने की वजह से इनकी वजह से कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के बरसाती नाले से ढक्कन गायब हैं। वैसे तो नाले की गहराई कम है, लेकिन यदि कोई वाहन चालक इसमें गिरता है तो यह उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। सर्दर्न पेरिफेरल रोड पर भी बरसाती नाला निर्माण में नियमों की अनदेखी की जा रही है। पर्याप्त बेरीकेडिंग नहीं होने की वजह से हादसा घटित हो सकता है। जानलेवा बने लोहे के कटीले तार उमंग भारद्वाज चौक से लेकर हीरो होंडा चौक तक बरसाती नाला निर्माण को लेकर आठ महीने पहले एनएचएआई ने करीब 15 फीट गहरा और 20 फीट चौड़ा गड्ढा खोद दिया है। इसकी लंबाई करीब 300 फीट है। सर्विस रोड और मुख्य सड़क के बीचोंबीच बनाए जा रहे इस बरसाती नाले की बेरीकेडिंग नहीं होने का मामला जब उठा तो एनएचएआई ने इसकी बेरीकेडिंग करने की बजाय इसके चारों तरफ लोहे के कटीले तार लगा दिए। अब यह कटीले तार दुपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा बन गए हैं। ऊपरी द्वारका एक्सप्रेस वे पर बरसाती नालों पर ढक्कन नहीं ऊपर द्वारका एक्सप्रेस वे पर भी जीएमडीए अधिकारियों की लापरवाही नजर आ रही है। धनकोट चौक से लेकर सेक्टर-108 स्थित शोभा सिटी तक सड़क के दोनों तरफ बरसाती नालों पर ढक्कन या तो टूटे हुए हैं या नहीं हैं। इसके अलावा कई जगह पर गहरे गड्ढे हैं, जो पानी से भरे हुए हैं। यदि कोई वाहन चालक इसमें गिरता है तो गंभीर रूप से घायल हो सकता है। बसई तालाब की बेरीकेडिंग नहीं दादा भईया चौक के समीप गुरुग्राम नगर निगम का बसई तालाब है। इस तालाब की बेरीकेडिंग नहीं की है। सड़क किनारे बने इस तालाब की वजह से हादसा होने का खतरा बना हुआ है। मामले में खास बात यह है कि इस रोड पर पिछले तीन महीने से स्ट्रीट लाइट खराब है, जोकि हादसे की संभावनाओं को और बढ़ा रही है।