कोहरे से वाहनों की रफ्तार थमी, ठंड ने परेशानी बढ़ाई
गुरुग्राम में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह थी। कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी 312 रहा, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी।
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 6.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह रही। इस कारण सुबह घर से निकलने वाले लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा। इसके अलावा सुबह के वक्त सड़कों पर कोहरे की हल्की चादर छाई रही, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। शुक्रवार को शहर का न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार को न्यूनतम ताममान 7.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि एक दिन पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
सुबह के वक्त सड़कों पर कोहरे की हल्की चादर छाई रही, जिसके चलते वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। सुबह और शाम दोनों समय सर्द हवाएं लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर रही हैं। बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लोग अलाव के सहारे ठंड से बचते दिखे। हालांकि, दिन में तेज धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली। शाम होते ही मौसम फिर सर्द हो गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तरी दिशा से लगातार ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने और आसमान साफ रहने से रात के तापमान में गिरावट और बढ़ गई है। अगले कुछ दिनों में भी न्यूनतम तापमान में और कमी आने की संभावना है। इससे सर्दी का असर और कड़ा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ती सर्दी से बचाव के लिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह की सैर से परहेज करने, तथा बुजुर्गों व बच्चों की विशेष देखभाल करने की सलाह दी है। शहर की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंची प्रदूषण का स्तर शुक्रवार को भी बेहद खराब श्रेणी में बना रहा। सुबह शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 312 दर्ज किया गया। दोपहर में हवा चलने से एक्यूआई थोड़ा कम होकर 298 पर पहुंचा, लेकिन स्थिति फिर भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनी रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर और नवंबर के पूरे दो महीनों में शहर की हवा एक भी दिन साफ नहीं हुई है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार धूल और ज़हरीले धुएं में सांस लेने से लोगों के फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है। शहर में आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण तेजी से बढ़ रहे हैं।

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