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दुष्कर्म मामले में फंसाने की धमकी देने वाला डॉक्टर गिरफ्तार

दुष्कर्म मामले में फंसाने की धमकी देने वाला डॉक्टर गिरफ्तार

संक्षेप:

गुरुग्राम पुलिस ने एक निलंबित सरकारी डॉक्टर की साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसने खुद को स्वास्थ्य विभाग का उप-निदेशक बताकर लाखों रुपये ठगे। आरोपी ने प्रॉपर्टी डीलर को झूठे बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी को पंचकूला से गिरफ्तार किया और उसकी पत्नी की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Jan 12, 2026 11:29 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम। पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल साजिश का पर्दाफाश किया है। एक निलंबित सरकारी डॉक्टर ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का उप-निदेशक बताकर पहले लाखों की ठगी की। बाद में रकम मांगने पर पत्नी के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलर को झूठे बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी। गुरुग्राम पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉक्टर को पंचकूला से रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। प्रॉपर्टी डीलर ने सेक्टर-50 थाने में दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात 42 वर्षीय कृष्ण कुमार जैलदार उर्फ केके से हुई। उस समय कृष्ण ने खुद को हरियाणा स्वास्थ्य विभाग का उप-निदेशक बताया और रसूख का हवाला देकर पीड़ित का विश्वास जीत लिया।

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शुरुआत में आरोपी ने बैंक खाता सीज होने और गाड़ी की सर्विस जैसे बहाने बनाकर पीड़ित से छह लाख रुपये उधार ले लिए। पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने पैसे लौटाने के बजाय ऊंची पहुंच की धमकी दी। दुष्कर्म के झूठे केस में जेल भिजवाने की बात कही। पत्नी के साथ मिलकर रची साजिश : पुलिस के अनुसार, आरोपी कृष्ण कुमार की पत्नी 12 अगस्त 2023 को पीड़ित प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय पहुंची। धमकी दी कि यदि पैसे मांगे तो अंजाम बुरा होगा। इसके बाद, महिला ने पुलिस को ई-मेल से बलात्कार की फर्जी शिकायत भेज दी। अक्तूबर 2025 में दोबारा शिकायत दी गई। केस वापस लेने के बदले 16 रुपये मांगे। नागरिक अस्पताल में सेवा दे चुका है आरोपी पुलिस पूछताछ में आरोपी कृष्ण कुमार जैलदार ने बताया कि वह एक पेशेवर एमबीबीएस डॉक्टर है। गुरुग्राम के सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल और पंचकूला में तैनात रह चुका है। वर्तमान में वह सरकारी सेवा से निलंबित चल रहा है। उसने स्वीकार किया कि पैसे हड़पने और जेल भेजने के डर से रुपये वसूलने के लिए उसने पत्नी के साथ मिलकर यह हनीट्रैप जैसा जाल बिछाया था। गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 जनवरी को आरोपी को पंचकूला से दबोच लिया। गिरोह में शामिल अन्य लोगों और पत्नी की भूमिका की जांच भी शुरू कर दी है।